अजमेर. सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा के बाद अब 10वीं में भी छात्राओं ने छात्रों से बाजी मारी है। मंगलवार को अजमेर, पंचकूला और चेन्नई क्षेत्रों के सीबीएसई 10वीं की परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए। अजमेर रीजन का परीक्षा परिणाम 94.14 प्रतिशत रहा।
छात्राओं ने 95.74 प्रतिशत के साथ छात्रों को पीछे छोड़ दिया। छात्रों का परीक्षा परिणाम 93.03 प्रतिशत रहा। इस रीजन में 87,088 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे, जिनमें से 81,984 उत्तीर्ण हुए। हालांकि पिछले साल के 94.22 प्रतिशत की तुलना में इस बार का परिणाम 0.08 फीसदी कम रहा।
इस साल लगभग 25 हजार छात्राओं और करीब 34 छात्रों ने परीक्षा फस्र्ट डिवीजन में पास की। पंचकूला रीजन में भी छात्राओं ने 92.25% के साथ छात्रों (88.22 प्रतिशत) से बाजी मार ली।
जवाहर नवोदय आगे
अजमेर रीजन में जवाहर नवोदय विद्यालय ने 97.69 प्रतिशत के साथ केंद्रीय विद्यालय संगठन के स्कूलों को पीछे छोड़ दिया। केंद्रीय विद्यालय संगठन के स्कूलों का परीक्षा परिणाम 95.24 प्रतिशत रहा। वहीं 64.17 प्रतिशत के साथ सरकारी स्कूल सबसे पीछे रहे। अजमेर रीजन में राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली आते हैं।
पीछे ही रहे सरकारी स्कूल
सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों से फिर पीछे रहे। सरकारी स्कूलों में 801 विद्यार्थियों में से 514 विद्यार्थी (61.17 प्रतिशत) ही उत्तीर्ण हुए। प्राइवेट स्कूलों के 63 हजार 692 विद्यार्थियों में से 60 हजार 131 (94.41) विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की है।
नियमित की बात ही कुछ और
राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, दादर-नगर हवेली के 86 हजार 337 नियमित विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इसमें से 94.54 प्रतिशत (81 हजार 621) विद्यार्थियों पास हुए जबकि, अजमेर क्षेत्रीय कार्यालय के जरिए 751 स्वयंपाठी विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 363 विद्यार्थी (48.34 प्रतिशत) ही सफल हो पाए।
0.08 फीसदी की गिरावट
सीबीएसई का सेकंडरी का परीक्षा 2009 का परिणाम 2008 की तुलना में 0.08 प्रतिशत कम रहा है। 2008 में 79 हजार 964 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। उनमें से 75 हजार 342 विद्यार्थी (94.22 प्रतिशत) सफल रहे थे। 2009 में 94.14 प्रतिशत विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की है। दिलचस्प बात है कि छात्राओं का परीक्षा परिणाम 2008 में भी 95.74 प्रतिशत था, इस वर्ष भी इतना ही रहा है। छात्रों का परिणाम 2008 में 93.18 फीसदी था, जो इस बार घटकर 93.07 प्रतिशत रह गया है।
पंचकूला रीजन का परिणाम 90.18%
पंचकूला रीजन का 10वीं का परीक्षा परिणाम 90.18% रहा। इस रीजन में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर और चंडीगढ़ आते हैं। चेन्नई क्षेत्र में आने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुडुचेरी ने 99.72 प्रतिशत के साथ 10वीं की परीक्षा में बाजी मारी। इस रीजन में परीक्षा में बैठे 1.05 लाख परीक्षार्थियों में से एक लाख से ज्यादा उत्तीर्ण हुए। यहां का परीक्षा परिणाम 95.60 प्रतिशत रहा। चेन्नई रीजन में अंडमान एवं निकोबार, आंध्रप्रदेश, दमन एवं दीव, गोवा, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, महाराष्ट्र, पुडुचेरी और तमिलनाडु आते हैं।
12वीं विज्ञान मेरिट में छाए छात्र
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड : परिणाम 91.04 प्रतिशत रहा
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सीनियर सेकंडरी साइंस का परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिया है। परिणाम 91.04 प्रतिशत रहा। इसकी मेरिट में लड़के छा गए। प्रथम स्थानों पर 26 विद्यार्थियों का कब्जा रहा इनमें से 22 लड़के हैं। मेरिट में प्राइवेट स्कूलों का भी बोलबाला रहा। सरकारी स्कूलों के मात्र दो विद्यार्थी हैं।
मेरिट के मुताबिक प्रथम स्थान पर 4 विद्यार्थी, दूसरे, तीसरे और पांचवें स्थान पर एक-एक विद्यार्थी ने कब्जा किया है। चौथे, छठे और दसवें स्थान पर चार-चार, सातवें स्थान पर तीन, आठवें और नवें स्थान पर दो-दो विद्यार्थियों का कब्जा रहा। मेरिट में इस बार छात्राओं को चार स्थान ही मिले हैं।
पहले स्थान पर जयपुर की पूजा, पांचवें स्थान पर पीलीबंगा की इशा गुप्ता, छठे पर अजमेर की वसुंधरा चौहान और दसवें पर जयपुर की पूजा गोयल ने कब्जा किया। सरकारी स्कूलों का मान रखा अजमेर के वैशालीनगर स्थित राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल के छात्र नितिन मोतियानी और बिजयनगर के करण कटारिया ने। नितिन ने चौथा स्थान और करण ने सातवां स्थान हासिल किया।
2087 के पूरक : साइंस की परीक्षा में 2087 विद्यार्थी ही पूरक परीक्षा के योग्य माने गए हैं। इनमें 1867 विद्यार्थी नियमित और 220 स्वयंपाठी हैं।
मूक-बधिर शत-प्रतिशत पास : बोर्ड ने उच्च माध्यमिक (कला वर्ग) परीक्षा में मूक-बधिर श्रेणी के अंतर्गत शामिल 17 नियमित विद्यार्थियों का परिणाम घोषित कर दिया है। परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। सभी परीक्षार्थी सेकंड डिवीजन पास घोषित किए गए हैं।
55 हजार से ज्यादा फस्र्ट
परीक्षा में 99 हजार 130 विद्यार्थी प्रविष्ठ हुए, जिनमें से 95 हजार 931 नियमित और 3 हजार 199 स्वयंपाठी हैं। 90 हजार 249 विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। सत्रांक से परिणाम में भारी बढ़ोतरी का राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों के डिवीजन पर भी असर पड़ा है। बारहवीं साइंस की परीक्षा में इस बार 55 हजार 365 विद्यार्थी फस्र्ट डिवीजन से पास हुए हैं।
इनमें 142 स्वयंपाठी विद्यार्थी भी हैं। 634 स्वयंपाठियों सहित 34 हजार 106 विद्यार्थी सेकंड डिवीजन और केवल 368 विद्यार्थी थर्ड डिवीजन में पास घोषित किए गए हैं। अब तक के परिणामों में सर्वाधिक विद्यार्थी थर्ड डिवीजन में ही पास होते रहे हैं। इस बार 411 विद्यार्थियों को ही ग्रेस से पास किया गया है।