जालंधर. गांव बुलंदपुर अड्डे पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को खदेड़ने के लिए जिला पुलिस ने हवाई फायरिंग कर दी और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
पुलिस कार्रवाई से गुस्साए लोगों ने पथराव किया। इस दौरान पुलिस ने कुछ लोग राउंड-अप कर लिए। पुलिस ने लोगों पर लाठीचार्ज भी किया। गांव बुलंदपुर अड्डे पर प्रदर्शनकारी सुबह से शांतमय प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस टीम वहां पहुंची तो स्थिति को देखते हुए बचाव में पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना था कि लोग हाइवे जाम कर प्रदर्शन कर रहे थे। जब हवाई फायरिंग की गई तो सभी भाग खड़े हुए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। जब पुलिस ने अपना काम बंद किया तो फिर लोग प्रदर्शन करने लगे। इक्ट्ठे हुए सैंकड़ों लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों ने 6 मोटरसाइकिलें भी तोड़ दी।
पुलिस जानकारी अनुसार पुलिस ने विवाद के दौरान कुछ लोगों को गिरफ्तार किया, जिसके बाद गांव में लोग भड़क गए। सैंकड़ों समर्थकों ने पुलिस पर फिर से पथराव की योजना बना ली। उनकी मांग थी कि जब तक पुलिस उनके समर्थक नहीं छोड़ेगी, संघर्ष जारी रहेगा।
मामले को शांत करने भावधस के राष्ट्रीय संचालक सुभाष सोंधी ने पुलिस से प्रदर्शनकारियों को छोड़ने की अपील की तो एसपी सिटी वन गुरप्रीत सिंह तूर ने सोंधी की बात को स्वीकार करते हुए लोगों को छोड़ दिया। जिसके चलते माहौल शांत हुआ। करीब 3 घंटे तक गांव बुलंदपुर अड्डे पर करीब 5 सेना के वाहन और 10 पुलिस की गाड़ियां खड़ी थी। देर शाम तक इलाके में स्थिति तनावपूर्ण रही और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस तैनात रही।
सराहनीय फैसला
कोट बाबा दीप सिंह नगर स्थित धार्मिक स्थल पर शरारती तत्वों ने पथराव कर माहौल खराब करने की कोशिश की। सैकड़ों लोग दोआबा चौक स्थित धार्मिक स्थल पर इक्ट्ठे हुए। धार्मिक स्थल पर बैठक की गई, जिसके बाद निर्णय लिया गया कि शरारती तत्वों ने मामले को तूल दिया है।
करीब 15-20 मोटरसाइकिलों पर दनदनाते युवक कोट बाबा दीप सिंह नगर से गुजरे। लोग इक्ट्ठे हुए तो युवकों ने धार्मिक स्थल पर ईंटें बरसाने की कोशिश की। डीएसपी सिटी वन गगनअजीत सिंह पुलिस और सेना की मदद से वहां पहुंचे। बाद में पता चला कि शरारती तत्व माहौल खराब करना चाहते थे। इस तरह इलाके के लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए कोई विवाद नहीं होने दिया।
बिगड़े हालात
गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को छुड़वाने के लिए समर्थनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।