चंडीगढ़. अकाली-भाजपा सरकार को बर्खास्त करके राष्ट्रपति राज लागू करने की मांग करने वाली प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस मंगलवार को अपने बयान से पलट गई।
सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने अमन भंग करने वालों से सख्ती से निपटने की बात की और भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों की हिमायत की। इस दोहरी नीति पर कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान लाल सिंह ने होठों पर कुटिल मुस्कान बिखेरते हुए कहा, कल की बात कल निकल गई। आज हम प्रदेश में शांति बहाल करने के लिए सरकार को समर्थन दे रहे हैं। बैठक में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
संस्कार को लेकर सरकार की चिंता बढ़ी
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को फिर राज्य में हालात स्थिर होने का दावा किया है। लेकिन संत रामानंद जिनकी मृतक देह विएना से भारत लाई जानी है, को लेकर सरकार की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। सरकार को इस बात की चिंता है कि सरकार के मौके पर कहीं हालात फिर से न बिगड़ जाएं। मुख्यमंत्री ने डेरे को प्रस्ताव दिया है कि यदि अनुयायी चाहें तो संत निरंजन दास का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा सकता है।
मीटिंग में रजिंदर कौर भट्ठल, लाल सिंह, भाजपा के प्रधान राजिंदर भंडारी, मनोरंजन कालिया, तीक्षण सूद, बलराम जी दास टंडन, भाकपा के जोगिंदर दयाल और सचिव भूपेंद्र सांबर, माकपा के सचिव चरन सिंह विरदी, शिवसेना के कमलेश भारद्वाज के अलावा प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा भी मौजूद थे।