खाजूवाला. खाजूवाला तहसील मुख्यालय पर जलदाय विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय परिसर में मंडी के लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए बनी डिग्गी से दूषित व गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है। विभाग द्वारा इस डिग्गी की सफाई पिछले कई सालों से नहीं की गई है जिससे पानी में बदबू आने लगी है।
युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता मनीराम पंचारिया व राजस्थान युवा विकास समिति के जिलाध्यक्ष संजय गिला ने जलदाय विभाग के अधिकारियों पर डिग्गियों की सफाई करवाने में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। यही स्थिति मंडी के निकटवर्ती गांवों व चक ढाणियों में बनी जलदाय विभाग की डिग्गियों की है। गर्मी के मौसम में दूषित व बदबूदार पानी से जलजनित रोगों के फैलने की आशंका है।
विभाग के अधिकारियों को बार-बार अवगत करवाने के बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे मंडीवासियों को जलदाय विभाग के प्रति रोष व्याप्त हो रहा है। मंडी के लोगों ने जनप्रतिनिधियों पर पेयजल सहित अन्य जनसमस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। लोगों ने प्रशासन से अतिशीघ्र जलदाय विभाग की डिग्गियों की साफ-सफाई करवा कर शुद्घ पेयजल की सप्लाई करवाने की मांग की है जिससे जलजनित बीमारियों से बचा जा सके।
दियातरा संवाददाता के अनुसार दियातरा गांव में तेरह कुएं होने के बाद भी पेयजल का संकट बना हुआ है। मेन बाजार में बने जलहौज में पानी का स्तर दिनोंदिन कम होता जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जब जलदाय विभाग के कर्मचारियों से इस संबंध में बात की जाती है तो उनका कहना है कि मोटर खराब है तथा नई मोटर आने पर ही पानी सप्लाई सुचारु हो सकेगी। विभाग के अधिकारियों की उदासीनता का खमियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
तेज गर्मी व लू में पेयजल की किल्लत के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग पानी खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से गांव के कुओं में अतिशीघ्र नई मोटर लगा कर पेयजल सप्लाई सुचारु करवाने की मांग की है। उधर, नगरासर में पिछले पांच दिनों से पेयजल सप्लाई नहीं होने के कारण गांव में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि शीघ्र पेयजल समस्या को नहीं सुधारा गया तो आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा।
श्रीडूंगरगढ़ संवाददाता के अनुसार कस्बे के पुलिस थाने में पिछले चार दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। हैड कांनिस्टेबल संतराम ने बताया कि थाने के पास बने पुलिस क्वार्टर में भी पिछले चार दिन से पेयजल सप्लाई नहीं आई है। ऐसे में नहाना तो दूर पीने का पानी भी नहीं मिल रहा है। संतराम ने बताया कि इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों को सूचित भी किया गया लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। जवानों को पानी के टैंकर मोल मंगवाने पड़ते हैं। गजनेर संवाददाता के अनुसार तेज गर्मी व बारिश नहीं होने के कारण चांडासागर तालाब का जलस्तर घटता ही जा रहा है। बचा खुच्चा पानी पीने लायक भी नहीं रहा। तेजी से घटता जलस्तर, दीवारों का जर्जर व पायतन के साथ की गई छेड़छाड़ के चलते इस तालाब के भविष्य पर चिंता मंडराने लगी है। वर्तमान में आधे से ज्यादा सूखा तालाब खेल का मैदान नजर आने लग गया है। गोपाल घाट के पास बचा-खुच्चा पानी मच्छरों एवं गंदगी के कारण पीने लायक भी नहीं रहा।
चिकित्सकों ने भी पानी सेवन नहीं करने की सलाह लोगों को दी है। कोलायत संवाददाता के अनुसार ग्रामीण अंचल में दिन-प्रतिदिन पेयजल संकट गहराता जा रहा है। पानी नहीं मिलने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलदाय विभाग की ओर से एक गांव में पेयजल आपूर्ति में सुधार किया जाता है तो दूसरे गांव में पेयजल आपूर्ति बिगड़ जाती है।
ग्रामीण भंवर लाल ने बताया कि नान्दड़ा गांव की बिश्नोइयों की ढाणी स्थित नलकूप पिछले दस दिनों से खराब पड़ा है जिससे आसपास के क्षेत्र में पेयजल की किल्लत हो गई है। विभाग के अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। लोगों को पीने का पानी भी खरीदना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नलकूप को अतिशीघ्र दुरुस्त करवाने की मांग की है। बांगड़सर लिफ्ट पेयजल योजना से जुड़े बीठनोक, माधोगढ़, करणपुरा, गोविन्दसर सहित आसपास के गांवों एवं ढाणियों में तीसरे दिन रविवार को भी पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि पानी नहीं आने से जलहौज, पशु खेÝियां सूख चुकी है। पानी खरीदना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अतिशीघ्र पेयजल सुचारु करवाने की मांग की है।