कर्फ्यू में थम गई जिंदगी
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कर्फ्यू में थम गई जिंदगी

जालंधर.violance शहर में करीब 4 हजार दुकानें बंद हैं। लोगों को दूध 24 रुपए के बजाए 30 से 40 रुपए प्रति किलो मिल रहा है। दिलकुशा मार्कीट में पौने तीन सौ होलसेल और रिटेल की करीब 400 मैडीकल स्टोर बंद हैं।

बाहरी राज्यों से आना तो दूर, जरूरत का सामान लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में एक से दूसरे स्थान पर नहीं पहुंच पा रहा। सब्जियों का भी यही हाल है। डेयरियों से दूध घरों तक नहीं पहुंच रहा है। अगर एक-दो दिन कर्फ्यू रहता है तो जनजीवन पर खासा असर पड़ सकता है। कर्फ्यू में ढील के दौरान लोगों को जरूरत की चीजें कम व महंगे दाम में मिलीं।

दाना मंडी में धान की सीजन खत्म होने के बाद सूरजमुखी की फसल ही मंडियों में आ रही थी, जिससे दानामंडी को ज्यादा नुकसान नहीं उठाना पड़ा। मंडी के 30-35 आढ़तियों का काम बिल्कुल ठप है और लेबर भी बेकार बैठी है, जिससे उन्हें हजारों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। नई दाना मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान राजिंदर सिंह मिगलानी का कहना है कि सूरजमुखी का सीजन था, जो पहले ही कम था। अब दुकानें बंद होने से नुकसान का आंकलन मुश्किल है।

गुड़ मंडी : 2 हजार प्रतिदिन घाटा

सारा दिन चहल-पहल रहने वाली इस गुड़ मंडी वाले इलाके में दो दिन से सन्नाटा पसरा है। न दुकानें खुली हैं और न ही लोग खरीददारी के लिए निकल पा रहे हैं। गुड़ मंडी में 70 प्रमुख दुकानें हैं, जिनको प्रति दिन दो से तीन हजार रुपए का घाटा हो रहा है, जबकि सारे शहर की किरयाना दुकानों की संख्या 3 हजार से अधिक है।

ऐसे में किरयाना स्टोरों को हर रोज 60 लाख से अधिक का नुकसान हो रहा है। गुड़ मंडी शॉपकीपर एसो. के प्रधान नरेश कुमार गुप्ता का कहना है कि अभी फिलहाल किरयाना के दाम बढ़ने की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि दो दिनों में सिर्फ एक घंटे की छूट ही मिली है।

अनाजमंडी को नुकसान

अनाज मंडी में भी हर रोज लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। अनाज के होलसेल दुकानदारों को दुकान बंद होने से लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। दालों व अन्य अनाज की सप्लाई ठप हो चुकी है

सब्जीमंडी में सब्जी कम

मकसूदां स्थित नई सब्जी मंडी में अंदाजन आढ़तियों को प्रतिदिन 5 से 7 लाख रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। मंडी में करीब 125 आढ़ती और हजारों फड़ी विक्रेता शामिल हैं। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान डिंपी सचदेवा और दूसरी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान राजिंदर सिंह नागरा का कहना है कि मंडी में लोकल सब्जी आ रही है, जिससे अधिक नुकसान नहीं हो रहा, लेकिन कफ्यरू जारी रहा और लोकल सब्जी भी नहीं आ पाई तो सब्जी की शार्टेज हो जाएगी।

इस समय बैंगन, भिंडी, घीया, टिंडा, खीरा, शिमला मिर्च और रामा तोरी लोकल है और फूल गोभी, मटर, बंद गोभी हिमाचल प्रदेश से आती है। तरबूज और खरबूजे को छोड़ अधिकतर फल बाहरी राज्यों से आ रहे हैं।



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