जयपुर. सिंधी कैंप बस स्टेशन पर मंगलवार शाम रोडवेज बस में रखे गुटखे के बैग में करीब 10 दिन का नवजात शिशु मिला। इससे बस यात्रियों में सनसनी फैल गई। बच्चे की पहचान उसके अजमेर निवासी चाचा व चाची ने कर ली है, जो अजमेर के जनाना अस्पताल से 24 मई दोपहर को चुराया गया था।
पुलिस के अनुसार सिंधीकैंप डीलक्स डिपो से अजमेर जाने वाली बस में बच्च होने की सूचना सिंधीकैंप पुलिस को मिलने पर 108 एंबुलेंस से उसे चांदपोल के जनाना अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसे जेके लॉन अस्पताल में भेज दिया। डीलक्स बस सिंधी कैंप बस स्टैंड के प्लेटफॉर्म से शाम 5:30 बजे रवाना हो रही थी, तभी यात्रियों को पीछे वाली सीट पर शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी।
इस पर यात्रियों ने पीछे जाकर देखा। वहां गुटखे के बंद थैले में तौलिए में लिपटा हुआ शिशु मिला। बस के परिचालक नरवर सिंह ने उसे सिंधी कैंप थाने में सौंप दिया। 108 एंबुलेंसकर्मी भैरूंसिंह ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जनाना अस्पताल पहुंचाया। जांच अधिकारी उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह के अनुसार बच्चे की उम्र करीब 10 दिन है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अजमेर के जनाना अस्पताल से एक बच्च 24 मई दोपहर 2 बजे एक महिला अभियंता नगर निवासी प्रिया चौहान पत्नी गौरीशंकर चौहान के पुत्र को गुटके के थैले में रखकर चुरा ले गई थी। इस संबंध में पुलिस ने परिजनों क्रिश्चियनगंज थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था।
सिंधीकैंप पुलिस की सूचना पर क्रिश्चियनगंज पुलिस के एएसआई कानाराम शिशु के चाचा निर्मल सिंह चौहान व चाची मंजु को साथ लेकर आए। परिजनों के पास शिशु का फोटो भी था। जिन्होंने शिशु को देखने से पहले ही फोटो दिखाते हुए उसके दाएं कान के पास गांठ होना बताया। फोटो बच्चे का ही निकाला, जिसके कान के पास गांठ है। देर रात जे.के.लॉन अस्पताल अधीक्षक से बच्चे को ले जाने की अनुमति पुलिस ने मांगी थी।