एमबीए से रोजगार की संभावनाएं
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एमबीए से रोजगार की संभावनाएं

बिलासपुर. डा. सीवी रमन् विश्वविद्यालय में रोजगार के बढ़ते अवसर के आधार पर एमबीए की सामान्य सीटों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। संस्था के कुलसचिव शैलेष पाण्डेय ने बताया संस्था ने इस वर्ष एमबीए में नए विषयों को भी जोड़ा है। जिसमें एमबीए मार्केटिंग, फायनेंस, ह्यूमन रिसोर्स, आईटी, इन्सोरेन्स एग्रीकल्चर, रिटेल मार्केटिंग जैसे विषय शामिल हैं।

रिलायंस, बिरला, एचडीएफसी, इंफ्को, आईसीआईसीआई, एसबीआई, टोक्यो, आईटीसी व टाटा जैसी बड़ी कंपनियों को एमबीए के दक्ष लोगों की आवश्यकता है। संस्था का लक्ष्य छात्र-छात्राओं को रोजगार के नये अवसर दिलाना है। विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति का भी प्रावधान है व प्रतिवर्ष विद्यार्थियों को इससे लाभान्वित किया जाता है। संस्था में बहुमंजिला हास्टल का निर्माण किया जा चुका है व छात्रों को परिवहन सुविधा भी उपलब्ध है।

एम फिल व एमबीए में प्रवेश प्रारंभ है। एम फिल भी साइंस, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, गणित, इनफार्मेशन टेक्नालाजी, कंप्यूटर साइंस, कामर्स, शारीरिक शिक्षा व लाइब्रेरी साइंस जैसे विषयों में भी प्रवेश प्रारंभ है। संस्था में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए योग्य प्रशिक्षकों की टीम है। आदिवासी बाहुल्य राज्य में प्रदेश का पहला विवि है जो आदिवासी अंचल कोटा में स्थापित किया गया है।

संस्थान को यूजीसी, एआईयू इंजीनियरिंग के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की मान्यता तथा बीएड, एमएड, बीपीएड पाठ्यक्रम की मान्यता राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् से मान्यता प्राप्त है। ३ नवम्बर २क्क्६ से स्थापित इस विद्यालय में १२ विभागों का संचालन किया जा रहा है।

४क् एकड़ में विकसित संस्था में लाइब्रेरी, लैब, योग्य शिक्षक के साथ खेलकूद की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है। यूजीसी के परीक्षण उपरान्त संस्था क ो २४ जून २क्क्८, पत्र क्र. एफ, ९-६-२क्क्८(सीपीपी-आई) के अनुसार यूजीसी के अधिनियम १९५६, क्लास २२ के अनुरूप विवि द्वारा संचालित पाठच्यक्रमों को यूजीसी की मान्यता दी है।



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