उदयपुर. सरकारी दफ्तरों में भी पेयजल संकट गहराने लगा है। इनमें टैंकरों से जल वितरण किया जा रहा है, मगर कार्यालयों में ठंडे पानी के लिए लगे वाटर कूलर खराब पड़े हैं। अधिकारियों के कमरों में तो फ्रीज की व्यवस्था है, मगर कर्मचारियों और अपने काम से आने वाले लोगों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है।
खान एवं भू-विज्ञान निदेशालय में एक माह से वाटर कूलर खराब पड़े हैं। कर्मचारी पीने के पानी के लिए तरस गए हैं। कर्मचारियों ने अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) बी. एल. स्वर्णकार को भी इस संबंध में सूचना दी है, मगर कोई व्यवस्था नहीं की गई। हालांकि पीने के पानी के लिए निदेशालय में टैंकर से सप्लाई की जा रही है, मगर वाटर कूलर बंद होने से लोगों को पानी नहीं मिल रहा है।
पानी के अभाव में निदेशालय का सबसे अच्छा बगीचा भी सूख गया है। वनस्पति खत्म हो रही है। गुलाब के पौधे मुरझा गए हैं। घास ने भी जमीन छोड़ दी है। विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि पहले बगीचे की देखरेख और पानी की व्यवस्था की जिम्मेदारी एक भू-वैज्ञानिक को सौंप रखी थी, तब तक व्यवस्था ठीक थी। लेकिन अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) और दोनों के बीच विवाद होने से भू-वैज्ञानिक हटा दिया गया है।
इसके बाद से ही निदेशालय की व्यवस्था चरमरा गई है। कलेक्ट्री परिसर में हजारों कर्मचारियों व सैकड़ों लोगों की आवाजाही के बावजूद पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। पीछे की ओर से रतन जल मंदिर है। मुख्य द्वार के सामने की ओर एक प्याऊ का कार्य चल रहा है।
लेकिन केंटीन के पास कमरे में लगा कूलर सालों से खराब पड़ा है। खेरवाड़ा में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में भी पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। उनके आला अधिकारी की ओर से कलेक्टर को पत्र लिखकर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में पीने का पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल टैंकरों से पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
कई कॉलोनियों में देर से जल वितरण
सेक्टर 11 से गोवर्धन विलास और सवीना के बीच की कॉलोनियों में मंगलवार को पानी की सप्लाई छह घंटे लेट हुई। जिन क्षेत्रों में नल नहीं आए वहां जल वितरण नहीं करने की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उपभोक्ताओं ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग के अधिकारियों एवं कंट्रोल रूम फोन किए। संतोषप्रद जवाब न मिलने पर दैनिक भास्कर कार्यालय फोन किए गए।
रोजाना होने वाली जलापूर्ति के समय नल न आने से मायूस लोगों ने निजी टैंकर वालों को पानी डालने के आदेश दे दिए। सेक्टर 14 की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हैंडपंपों पर लोगों की भीड़ लग गई। सुबह 6 बजे चालू होने वाले नल दोपहर 12 बजे बाद चल सके।
जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता कुमुद माथुर का कहना है कि जयसमंद लाइन में तकनीकी फाल्ट आ जाने से पानी की आवक नहीं हुई। प्रतिदिन मिलने वाला 12-13 एमएलडी पानी न आने से सही समय सप्लाई नहीं की गई। अन्य स्रोतों से व्यवस्था कर दोपहर में नल चलाए गए।