उदयपुर. घटिया सड़क निर्माण कार्य करने का विरोध करने पर ठेकेदार लक्ष्मीलाल मेघवाल व श्रमिकों ने मंगलवार को यूआईटी के एईएन शिशिरकांत वाष्ण्रेय पर सरियों, लाठियों व तलवारों से हमला कर दिया। घायल एईएन को यहां एमबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना देबारी में झरनों की सराय में हुई। इस गांव में यूआईटी की ओर से निविदा के आधार पर सड़क निर्माण करवाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार हमले में एईएन शिशिरकांत वाष्ण्रेय के सिर पर गंभीर चोटें आई है। एईएन की रिपोर्ट पर प्रतापनगर थाना पुलिस ने ठेकेदार व श्रमिकों के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया है। उधर, ठेकेदार एसोसिएशन ने एईएन पर जातिगत गालियां देने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, यूआईटी ने झरनों की सराय (देबारी) की सड़क निर्माण का ठेका ठेकेदार कमरूद्दीन को दिया।
कमरूद्दीन ने यह ठेका पेटी कांटेक्ट पर लक्ष्मीलाल मेघवाल को सौंप दिया था। मंगलवार सुबह यूआईटी के जेईएन सुरेश जैन और एईएन शिशिरकांत वाष्ण्रेय निरीक्षण के लिए गए, तो वहां पर एक परत गिट्टी बिछाने के बाद ही डामरीकरण किया जा रहा था। इस पर दोनों अधिकारियों ने लताड़ा और काम रोकने को कहकर दूसरी साइड पर चले गए। सुबह साढ़े 11 बजे जैसे ही ठेकेदार लक्ष्मीलाल मेघवाल साइड पर गया, तो श्रमिकों ने उसे अधिकारियों द्वारा काम रोकने की बात कही। इससे गुस्साए लक्ष्मीलाल ने एईएन शिशिरकांत को मोबाइल पर गाली-गलौज की और एईएन को झरनों की सराय बुलाया।
शिशिरकांत दूसरे साथी इंजीनियर लोकेंद्र कुमावत के साथ वहां पहुंचा, तो ठेकेदार लक्ष्मीलाल व श्रमिकों ने शिशिरकांत पर सरियों, लाठियों व तलवारों से हमला कर दिया। यूआईटी ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप सोनी ने कहा कि गलती ठेकेदार व श्रमिकों की नहीं थी। एईएन ने ही मारपीट की, जिससे दो श्रमिक घायल हुए हैं।
एईएन पर हमले करने की जानकारी मिली है। जांच करवाई जा रही है। पुलिस ने भी प्रकरण दर्ज किया है। दोषी पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -फुरकान खान, सचिव, यूआईटी