इंदौर. नगर निगम ने वार्ड परिसीमन की जो रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपी है उस पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। सूची में कई तरह की खामियां निकाली जा रही हैं। कई जगह बस्तियों को जम्प करवाकर दूसरे-तीसरे वार्ड में जोड़ा गया है। प्रसिद्ध व्यक्तियों के नाम से पहचाने जाने वाले वार्डो के नाम बदल दिए गए वहीं पंचायत की आबादी भी जोड़ ली गई। खासतौर पर कांग्रेसी इस परिसीमन से खासे नाराज हैं।
शहर का कोई भी ऐसा वार्ड नहीं है जो परिसीमन से प्रभावित नहीं हुआ हो। ज्यादातर वार्डो की बस्ती या मोहल्ले जनसंख्या समान करने के उद्देश्य से दूसरे वार्डो में जोड़े गए हैं। वार्ड क्रमांक 5 एयरपोर्ट रोड को राजमोहल्ले से जोड़ा गया है। आदिवासी वार्ड को इस तरह तोड़ा गया है कि बीच की बस्ती को रिंग रोड से जम्प कर रेसीडेंसी में मिला दिया।
ओल्ड राजमोहल्ला दो हिस्सों में बंट गया है। वार्ड 41 को अब वार्ड 65 मुराई मोहल्ला का नाम दिया है जिसमें साउथ तुकोगंज को जोड़ा है। वार्ड 41 (साउथ तुकोगंज) के तीन टुकड़े किए गए हैं। वार्ड 64 के साथ भी ऐसा ही हुआ। आदिवासी वार्ड के हिस्से नेतराम के बगीचे को अब वार्ड 65 में जोड़ा गया है। निगमायुक्त सीबी सिंह के मुताबिक परिसीमन में प्रस्तावित वार्ड में दर्शाई गई जनसंख्या के आधार पर ही एसटी, एससी वार्ड बनेंगे।
पहले दिन एक भी आपत्ति नहीं
नगर निगम वार्ड परिसीमन के प्रस्ताव पर आपत्ति के पहले दिन मंगलवार को एक भी आपत्ति नहीं आई। एडीएम गोपाल डाड ने बताया परिसीमन की रिपोर्ट के प्रस्ताव को देखने के लिए जनता कलेक्टर कार्यालय में संपर्क कर अपना वार्ड देख सकती है। इसमें कोई आपत्ति हो तो वह भी लिखित रूप से दर्ज करा सकती है। 1 जून तक आपत्ति ली जाएगी।