इंदौर. शासकीय आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज में अब छात्र बीबीए व एमबीए भी कर सकेंगे। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी कॉलेज में यह सुविधा इसी सत्र से मिलने की संभावना है।
राज्य शासन से अनुमति मिलने के बाद एमबीए के लिए फिलहाल कॉलेज को एआईसीटीई से अनुमति लेना भी जरूरी होगा। उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक योजना द्वारा 25 मई को इस आशय के निर्देश जारी किए गए।
विभाग ने कॉलेज प्राचार्य को कहा है कि बीबीए की अनुमति दी जाती है। वहीं एमबीए के लिए एआईसीटीई की अनुमति लेकर विभाग को बताएं। कॉलेज प्राचार्य एवं अतिरिक्त संचालक श्रीकृष्ण शर्मा ने बताया इसे इसी सत्र में शुरू करने की कोशिश करेंगे। यूनिवर्सिटी की अनुमति के लिए मंगलवार को आवेदन किया है।
फीस को लेकर अभी प्रारूप तय नहीं हुआ है। कॉलेज जनभागीदारी समिति अध्यक्ष दिनेश खंडेलवाल ने कहा कॉलेज लंबे समय से इसके लिए जुटा हुआ था। यह शहर के लिए गौरव की बात है जो पहली बार किसी सरकारी कॉलेज को इस तरह के प्रोफेशनल कोर्स मिले हैं। कोशिश होगी एमबीए के लिए 25 हजार और बीबीए के लिए 10 हजार फीस तय की जाए। इससे निर्धन छात्रों को भी इसका फायदा मिल सकेगा। यह फीस भी एमबीए में दो व बीबीए में चार किस्तों में ली जाएगी। औसत 5 हजार छात्रों वाले इस कॉलेज में फिलहाल बीए, बीकॉम, एमकॉम, एमए, लोक प्रशासन सहित कला एवं वाणिज्य के अन्य कोर्स संचालित हो रहे हैं।
ये फायदे होंगे
अब निर्धन और जरूरतमंद छात्र भी प्रोफेशनल कोर्स आसानी से कर सकेंगे।
इस निर्णय से शासकीय शिक्षा में एक नई राह मिलेगी।
सरकारी कॉलेज भी निजी कॉलेजों के समकक्ष हो सकेंगे।