संस्कार खींच लाए अमेरिका से
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संस्कार खींच लाए अमेरिका से

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इंदौर. यहां की संस्कृति, रहन-सहन और प्रेम दुनिया के किसी भी कोने में नही मिल सकता है। बेशक मैं पांच साल की उम्र में ही परिवार के साथ अमेरिका चली गई थी लेकिन मुझे यहां की धरती से उतना ही प्रेम है, जितना किसी आम हिंदुस्तानी को होता है। ये कहना है रशमीत कौर छाबड़ा का। उन्होंने बताया लड़के तो वहां भी बहुत हैं लेकिन एक अच्छे संस्कारों वाला सिक्ख परिवार लड़का तो इंडिया में ही मिल सकता है। सुरेंदर सिंह छाबड़ा ने कहा हम लोगों की अरेंज मैरिज है छह महीने पहले हम सिर्फ १२ घंटे के लिए मिले थे लेकिन उस छोटी सी मुलाकात में ही हमारे बीच अच्छी के मिस्ट्री हो गई।

यहां की चाट है पसंद

मिसेस छाबड़ा ने कहा मैं पहले भी इंदौर आ चुकी हूं यहां की चाट और कचोरी मुझे बहुत पसंद है। अब यही रहकर आगे की पढ़ाई करूंगी। यहां के लोगों की सेवा करना चाहूंगी। भविष्य में मौका मिला तो राजनीति में भी जाना चाहूंगी। मिस्टर छाबड़ा ने हम दोनों मिलकर प्रयास करेंगे अभी हम दोनों में जितना प्यार है वो हमेशा बना रहे और हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देंगे।

brideयहां के लोग बहुत प्यारे हैं

यहां के लोग, यहां का कल्चर बहुत अच्छा है। शादी में होने वाली सारी रस्मों से आपसी प्यार बढ़ता है। ये कहना है अमेरिका से शादी में शामिल होने के लिए आई रशमीत की तीन दोस्त कैटी ओकोन, लॉरेन ओकोन और केरा बोलिन का। वे बताती हैं हम पहले तो कभी हिंदुस्तान नहीं आए लेकिन यहां के बारे में जो सुना था वह सब सच है। यहां क ी बोली में भी मिठास है।

brideसभी लोगों के लिए मिसाल

ये न केवल सिक्खों के लिए बल्कि सभी भारतीय परिवारों के लिए खुशी की बात है कि एक लड़की जो विदेश में पली-बढ़ी है वो वहां के खुलेपन के बजाय भारत की संस्कृति को पसंद करके अरेंज मैरिज करके यहां रहने वाली हैं। ये बात मध्यप्रदेश सिक्ख युवा संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र सलूजा ने कही। उन्होंने कहा जो लोग विदेश की चमक-दमक से प्रभावित होकर वहां जाकर बसना चाहते हैं उन लोगों के लिए ये मिसाल है।



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