‘मारने वालों’ पर भारी पड़ी थी इंसानियत
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‘मारने वालों’ पर भारी पड़ी थी इंसानियत

अमृतसर। मासूम को अगवा कर दिल्ली ले जाते समय हत्या की कोशिश के मामले में एडिशनल सैशन जज संजीव बेरी की अदालत ने घन्हैया लाल को हत्या प्रयास, जबकि बाकी के दो दोषियों दान बिहारी और शिव राम ऊर्फ भूरा को अपहरण करने के जुर्म में पांच-पांच वर्ष की कैद की सजा सुनाई है।

27 जून 2006 को दर्ज केस के अनुसार खूह कौड़ियां निवासी 10 वर्षीय राघव पुत्र जगदीश कुमार 19 जून 2006 को दुग्र्याणा मंदिर में रास लीला देखने गया था, जहां से मथुरा के दान बिहारी बहला कर रेलवे स्टेशन ले गया था।

वहां मौजूद शिव राम व घन्हैया लाल उसको लेकर दिल्ली के लिए निकले, किंतु शिव राम रास्ते में उतर गया। इसके बाद घन्हैया लाल ने मासूम को मारकर जंगल में फैंक दिया था। उस मासूम बालक पर दिल्ली के इंसानियत के फरिश्ते की नजर पड़ने पर उसने बालक का इलाज करवाया और बाद में उसके पिता को फोन पर जानकारी दी।



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