अमृतसर.
सेट्रंल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की 2008-09 दसवीं परीक्षा में लारेंस रोड स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल की तान्या शर्मा व इशान आनंद और स्प्रिंग डेल सीनियर स्कूल के सिदक सिंह ढिल्लों ने 96.8 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया।
श्री गुरु हरकिशन सीनियर सेकंडरी स्कूल, जीटी रोड की आबदीप कौर और भवंस एसएल पब्लिक स्कूल के पीयूष ने 96.4 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। स्टूडेंट्स ने टीचर्स के साथ खुशी को सेलिबेट्र किया। स्कूल पहुंचने पर टीचर्स ने किसी का स्वागत हार पहनाकर तो किसी ने मुंह मीठा करवाया और किसे को सीने से लगा लिया। बच्चों की खुशी में अभिभावक भी शामिल हुए। सफलता की खुशी ऐसी कि कई पेरेंट्स के आंखों से आंसू छलक पड़े।
स्प्रिंग डेल सीनियर स्कूल
स्प्रिंग डेल सीनियर स्कूल से सिदक सिंह ने 96.8 प्रतिशत अंक से जिले में पहला स्थान हासिल किया। प्रिंसिपल राजीव शर्मा ने बताया कि सिदक के अलावा मेघा, सहज कौर व सिमरत कौर तीनों ने 95.8 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में दूसरा और दानिशदीप, हरनूर व रुबाब कौर सेखों ने तीसरा स्थान हासिल किया। शर्मा ने बताया कि छह स्टूडेंट्स के 95 प्रतिशत अंक, 46 स्टूडेंट्स ने 90 प्रतिशत और 92 स्टूडेंट्स ने 85 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
डीएवी पब्लिक स्कूल
डीएवी पब्लिक स्कूल की पिंरसिपल नीरा शर्मा ने बताया कि स्कूल का परिणाम पिछले साल की तरह बढ़िया रहा है। तान्या शर्मा व इशान आनंद ने पहले स्थान पर रहे। इस बार भी सभी 330 बच्चे पास हुए। 95 प्रतिशत से ऊपर अंक हासिल करने वाले 20 बच्चे थे। 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 108 और 85 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वालों की संख्या 176 थी।
श्री गुरु हरकिशन सीसे स्कूल
श्री गुरु हरकिशन सीनियर सेकंडरी स्कूल, जीटी रोड की आबदीप कौर ने 96.4 प्रतिशत अंक हासिल किया। प्रिंसिपल धर्मवीर सिंह ने आबदीप सहित अन्य स्टूडेंट्स को बुलाकर सम्मानित किया और सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि स्कूल के 184 बच्चों ने परीक्षा दी, सभी पास हो गए हैं। आबदीप के अलावा गुरप्रीत कौर, जसमीत कौर व रमणीक कौर 94.4 प्रतिशत अंक लेकर स्कूल में दूसरे स्थान पर रही। किरणप्रीत कौर 94.2 प्रतिशत अंक से थर्ड रही। चीफ खालसा दीवान के प्रधान चरणजीत सिंह चड्ढा और सचिव भाग सिंह अणखी ने बच्चों को बधाई दी।
द सीनियर स्टडी स्कूल
द सीनियर स्टडी स्कूल, पुतलीघर की नवनीत कौर ने 95.2 प्रतिशत अंक हासिल करके स्कूल में पहला स्थान हासिल कर लिया। प्रिंसिपल विजय मेहरा ने बताया कि नवनीत के अलावा गुनतास कौर ने दूसरा और पारुलप्रीत कौर ने स्कूल में तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्कूल के 154 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। इनमें से 23 स्टूडेंट्स ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किया। 14 स्टूडेंट्स ने इंग्लिश और 44 स्टूडेंट्स ने गणित में 90 प्रतिशत अंक लिए।
श्री राम आश्रम पब्लिक स्कूल
श्री राम आश्रम पब्लिक स्कूल के नितीश चोपड़ा ने 94.2 अंक से स्कूल में पहला और साहिल महाजन ने 94 प्रतिशत अंक से दूसरा स्थान हासिल किया। पिं्रसिपल आरके वोहरा ने बताया कि स्कूल के 13 स्टूडेंट्स ने 90 प्रतिशत से अधिक, 18 स्टूडेंट्स ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। इस मौके पर श्री राम एजुकेशनल सोसायटी के प्रधान बलबीर सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
डीएवी इंटरनेशनल स्कूल
डीएवी इंटरनेशनल स्कूल से चंदन शर्मा व हरमनदीप कौर ने 94.6 प्रतिशत अंक लेकर संयुक्त रूप से स्कूल में पहला स्थान हासिल किया। पिं्रसिपल अंजता गुप्ता ने बताया कि परिणाम शानदार रहा। चंदन के अलावा शौनिक ने 93.2 प्रतिशत अंक से द्वितीय, समीन ने 93 प्रतिशत अंक से तृतीय, अकांक्षा चोपड़ा ने 92.8 प्रतिशत अंक से चतुर्थ और लोकेश ने 91.2 प्रतिशत अंक से पांचवां स्थान हासिल किया।
श्री गुरु हरकिशन इंटरनेशनल
श्री गुरु हरकिशन इंटरनेशनल स्कूल की सुखमन कौर वड़ैच ने 94 प्रतिशत अंक हासिल करके स्कूल में पहला स्थान हासिल किया। अमनदीप कौर ने 92 प्रतिशत अंक से दूसरा, बबनप्रीत कौर ने 88 प्रतिशत अंक से तीसरा स्थान हासिल किया। इसी तरह से हरजोबन प्रीत सिंह ने 87.8 चौथा और नवकिरण कौर ने 85 प्रतिशत अंक लेकर पांचवां स्थान हासिल किया।
मानव पब्लिक स्कूल
मानव पब्लिक स्कूल के सलिल अरोड़ा ने 96.4 प्रतिशत अंक हासिल करके स्कूल में पहला स्थान हासिल किया। प्रिंसिपल रुपिंदर कौर औलख ने बताया कि 105 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। इसमें 20 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक लिए। परीक्षा में सलिल अरोड़ा 96.4 प्रतिशत अंक से स्कूल में पहले, अभिनव डालिया 95.4 प्रतिशत अंक से दूसरे, तुषार चटवाल 95.2 प्रतिशत अंक से तीसरे स्थान पर रहे।
तान्या की मंजिल है डाक्टर बनना
डीएवी पब्लिक स्कूल लारेंस रोड की तान्या डाक्टर बनकर समाज सेवा करनी चाहती है। तान्या के पापा-मम्मी पेशे से डाक्टर हैं। वह भी भविष्य में डाक्टर बनकर देश सेवा करना चाहती है। तान्या ने सीबीएसई की दसवीं क्लास की परीक्षा में 96.8 प्रतिशत अंक हासिल करके जिले में पहला स्थान हासिल किया। वह प्लस वन और प्लस टू में पंजाब की टॉपर बनना चाहती है।
इसके लिए अभी से कड़ी मेहनत करने की लिए दृढ़ संकल्प है। तान्या का कहना है कि स्कूल में जितना पढ़ाया जाता है, उसके मद्देनजर ट्यूशन की जरूरत नहीं पड़ी। सेल्फ स्टडी ही बहुत होती है। उसका कहना है कि इस सफलता के पीछे जितना हाथ टीचर्स का रहा उससे कहीं ज्यादा उसके पेरेंट्स ने भी मदद की। तान्या ने इंग्लिश में 97, संस्कृति में 99, मैथ में 95, साइंस में 95, सोशल स्टडी में 98 फीसदी अंक हासिल किए हैं। रंजीत एवेन्य ई - ब्लाक निवासी तान्या के पापा डा. राकेश सूदन व मम्मी डा. मीना सूदन अपनी लाडली बेटी की पढ़ाई में पूरी मदद करते हैं। वह भी चाहते हैं कि उनकी तरह बेटी भी समाज और देश की सेवा करे।
मंजिलें आगे भी हैं
अमृतसर. सीबीएसई दसवीं की परीक्षा में बेहतर अंक हासिल कर लेना ही काफी नहीं है, अभी हमारी मंजिल काफी आगे है। उसे हम हासिल करके ही रहेंगे। यह उद्गार विभिन्न स्कूलों के टॉपर स्टूडेंट्स ने सिटी भास्कर न्यूज रूम में व्यक्त किए। इस दौरान इन बच्चों ने अपने लक्ष्य को टारगेट कर आगे की तैयारी करने के बारे में खुल कर बात की।
भवंस एसएल पब्लिक स्कूल में पहले स्थान पर रहे पीयूष ने बताया कि नॉन मेडिकल करके इंजीनियरिंग करेंगे। इंजीनियरिंग में काफी स्कोप है। शगुन का कहना कि दसवीं के रिजल्ट से संतुष्ट होने वाली बात नहीं है अभी बहुत आगे बढ़ना है, परीक्षा की तैयारी के लिए उसने दिन-रात एक कर दिया था। अदिति व वैशाली का मानना है कि सफलता के लिए व्यक्तिगत तौर पर टैलेंट और बेस्ट क्वालिटी होनी चाहिए। याशिमा कपूर का कहना है कि इंजीनियरिंग और मेडिकल में वह करियर तलाशेंगी। दोनों में बराबर का स्कोप है। साहिल पारिक व अंकित का कहना है कि रिजल्ट आते ही सभी दोस्त स्कूल में इकट्ठे हो गए और एक-दूसरे को बधाई दी, पूरा दिन इंज्वाय किया।
डीएवी पब्लिक स्कूल लारेंस रोड की तान्या और अंशुल का कहना है कि ट्यूशन के चक्कर में फंसने की बजाय उन्होंने स्कूल के बाद सेल्फ स्टडी ही की, जिससे उन्हें सफलता मिली। राघव का मानना है कि पढ़ाई की तैयारी के लिए एकांत स्थान को प्राथमिकता देनी चाहिए।
इसी प्रकार कण्व का कहना है कि किसी भी काम को करने से पहले उसे समझने की जरूरत है। सफलता तभी मिलेगी जब हमारा लक्ष्य स्पष्ट होगा। उसका कहना था कि इस सफलता में जितना योगदान टीचर्स का रहा उतना ही पिता डा. नरेश ग्रोवर व माता मृदु ग्रोवर का। उसका कहना था कि मां, मेडिकल कालेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। इसी तरह उसके पिता जी चाइल्ड स्पेशलिस्ट हैं। डाक्टर पेरेंट्स ने बिजी होने के बावजूद उसकी हर पल मदद की। द सीनियर स्टडी स्कूल से पारुलप्रीत कौर, गुनदास कौर व नवनीत कौर का कहना है कि पढ़ाई के समय कांसेप्ट क्लीयर होना बहुत जरूरी है।