अमृतसर.
जिला कचहरी में मंगलवार को इलाका मैजिस्ट्रेट की अदालत में हालात उस समय असमंजस के बन गए, जब जब लाल चूड़ा पहने एक युवती ने जज साहिब से फरियाद की कि पुलिस ने जिसे मुलजिम बना कर जेल में बंद करा रखा है, वह मुलजिम नहीं, बल्कि उसका पति है। उसने उससे गुरुद्वारे में शादी की है। यही नहीं वह 19 साल की है और बालिग होने के नाते मर्जी से शादी करने का अधिकार रखती है।
उसका आरोप था कि पुलिस रिकार्ड में उसकी उम्र 15 साल बताई जा रही है। अदालत ने जब पुलिस को युवती के परिजनों को बुलाने के लिए कहा तो उसने ससुराल जाने की जिद्द शुरू कर दी। इसी बीच युवती की चाची सास ने अदालत से युवती को उसके साथ भेजने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने इंकार कर दिया।
युवती की सास सविंदर कौर जब तक अदालत पहुंचती, तब तक एसीजेएम रौशन लाल चौहान की अदालत ने उसे नारी निकेतन, जालंधर भेजने के आदेश जारी कर दिए। ज्ञात रहे कि थाना सदर में 23 मई को मुस्तफाबाद निवासी सोनू (22) के खिलाफ इलाके की लड़की को बहला फुसला कर भगाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने उसे काबू कर अदालत में पेश कर दिया, जहां से आरोपी सोनू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उधर, लड़की का कहना है कि उसकी उम्र 19 वर्ष है और उसने गुरुद्वारे में सोनू के साथ शादी की है।