जयपुर. भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस के जरिए जाली नोटों की तस्करी रोकने के लिए रेल विभाग ने जोधपुर के निकट स्थित ‘भगत की कोठी’ रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। इसके लिए स्टेशन पर एक एक्स-रे मशीन और चार अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टर स्थापित करने की मांग की गई है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के सूत्रों ने बताया कि नई योजना के तहत स्टेशन पर यात्रियों के सामान की जांच की जाएगी। जोधपुर डिविजनल रेलवे मैनेजर ने उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय से एक्स-रे मशीन व मेटर डिटेक्टरों की मांग की है।
जोधपुर डिविजन के सुरक्षा आयुक्त डीके मोर्या ने बताया, ‘फिलहाल ट्रेन के जोधपुर से रवाना होने के बाद सिर्फ मुनाबाओ स्टेशन पर कस्टम विभाग यात्रियों के सामान की जांच करता है, जिसमें लगभग नौ घंटे लग जाते हैं। इसलिए एक और स्टेशन पर एक्स-रे मशीन की सख्त आवश्यकता है।’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा,‘मुनाबाओ पर चेकिंग को लेकर कोई समस्या नहीं है, लेकिन जाली नोटों की तस्करी बढ़ने के कारण हम सुरक्षा व सामान की जांच पर अधिक जोर देना चाहते हैं।’
उन्होंने बताया कि औसतन हर यात्री 100 किलो वजन का सामान ले जाता है और ट्रेन में औसत 350 यात्री सवार होते हैं। इनकी जांच में कस्टम विभाग को लंबा समय लग जाता है।
गौरतलब है कि मुंबई हमले के बाद यह आशंका जताई गई थी कि सीमा पर सुरक्षा में कमी के कारण आतंकी आसानी से भारत में विस्फोटकों की तस्करी कर देते हैं।