कोटा. नगर निगम ने फील्ड वर्क के नाम पर पचास से अधिक कर्मचारियों द्वारा उठाए जा रहे पेट्रोल में पांच से दस लीटर प्रतिमाह की कमी कर दी है। इनमें कई ऐसे हैं जो कार्यालय में ही काम करते हैं, लेकिन रोज एक लीटर पेट्रोल लेते हैं। निगम में करीब 56 कर्मचारी लंबे समय से फील्ड में काम के नाम पर 12, 15, 18, 20, 25, 30 व 39 लीटर पेट्रोल प्रतिमाह ले रहे हैं। कर्मचारियों को समय-समय पर महापौर व अन्य अधिकारियों द्वारा यह सुविधा दी गई है।
कई कर्मचारी ऐसे भी हैं जिनका फील्ड वर्क से दूसरे स्थान पर तबादला हो गया, फिर भी वे पेट्रोल उठा रहे हैं। पेट्रोल-डीजल पर लाखों रुपए खर्च होने का मामला जब महापौर के समक्ष आया तो उन्होंने इसकी सूचना तैयार करवाई। उन्हें बताया गया कि करीब 56 कर्मचारी ऐसे है, जो निगम की स्वीकृति पर सीधे पंप से पेट्रोल ले रहे हैं। महापौर ने इनमें से कई की सुविधा बंद कर दी। बाकी के पेट्रोल में पांच से दस लीटर तक की कमी कर दी।
पार्षद ने भी उठाया डीजल : दशहरा मेले के दौरान एक पार्षद ने भी पांच लीटर प्रतिदिन के हिसाब से डीजल उठाया है। महापौर मोहनलाल महावर ने बताया कि उन्हें मेला समिति का अध्यक्ष बनाया गया था, इसलिए आने-जाने के लिए सुविधा दी गई थी।
जिन कर्मचारियों का फील्ड में काम नहीं है, उनकी पेट्रोल-डीजल सुविधा बंद कर दी गई है। बाकी के पेट्रोल कोटे में भी पांच से दस लीटर तक की कटौती कर दी है। कटौती एक जून से लागू हो जाएगी। आयुक्त को इसके आदेश दे दिए हैं। -मोहनलाल महावर, महापौर