कोटा. उद्योग नगर इलाके में जमीन विवाद को लेकर दो दिन पहले हुए झगड़े में घायल वृद्ध की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने सीआई पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके निलंबन की मांग को लेकर मंगलवार दोपहर को शव के साथ रायपुरा चौराहे पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने बोरखेड़ा से भामाशाह मंडी वैकल्पिक बाइपास तथा कोटा-कैथून मार्ग पर जाम लगा दिया।
बाद में सीआई को हटाने व उसकी भूमिका की जांच के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी माने और जाम हटाया। धरने में विधायक भवानी सिंह राजावत और भाजपा शहर अध्यक्ष मनमोहन जोशी, श्याम शर्मा भी शामिल हुए। रायपुरा में 24 मई को जमीन के विवाद के चलते गणोशलाल व घनश्याम के परिवार के बीच झगड़ा हुआ था। इसमें गणोशलाल व उसका पुत्र तथा घनश्याम बुरी तरह जख्मी हो गए थे।
गणोशलाल की एमबीएस अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार रात मौत हो गई। मंगलवार सुबह परिजन और क्षेत्रवासी पोस्टमार्टम के बाद सुबह साढ़े ग्यारह बजे शव लेकर सीधे रायपुरा चौराहे पर पहुंचे और वहां नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। बाद में शव को सड़क पर रखकर तंबू तानकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
उनका कहना था कि पुलिस को मामले की जानकारी थी, उसके बाद भी उद्योग नगर थाने के सीआई विजय शंकर शर्मा ने कोई कार्रवाई नहीं की। कुछ ही देर में भाजपा विधायक भवानी सिंह राजावत व भाजपा शहर अध्यक्ष मनमोहन जोशी, श्याम शर्मा भी पहुंचे और धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे डीएसपी हनुमान प्रसाद मीणा, आदर्श चौधरी, सीआई भंवर सिंह, रामकरण मीणा बार-बार प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करते, लेकिन वे सीआई के निलंबन की बात पर अड़े रहे।
दोपहर डेढ़ बजे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच होने तक सीआई को थाने से हटाया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शनकारी चौराहे से शव उठाने के लिए तैयार हुए। उसके बाद दाह संस्कार किया गया। बाद में एडीएम सिटी दिनेशचंद्र जैन एवं एएसपी लक्ष्मण गौड़ भी मौके पर पहुंचे।
जाम से परेशानी
चौराहे पर जाम लगाने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई। बस में सवार यात्रियों को भीषण गर्मी में तपना पड़ा। कई वाहन चालक परेशान होकर वाहन मोड़कर वापस चल दिए। प्रदर्शनकारियों ने दुपहिया वाहन चालकों को भी नहीं निकलने दिया गया, उन्हें जबरन रोक दिया गया।
रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
अभी तक किसी भी परिजन ने सीआई के खिलाफ रिपोर्ट नहीं दी है। सीआई को नहीं हटाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही सीआई के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जमीन एसटी की होने के कारण मामले में न्यायालय में इस्तगासा पेश कर अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने झगड़े से पहले दोनों पक्षों की शिकायत आने पर दोनों पक्षों के लोगों को न्यायालय से पाबंद कराया था। झगड़े के बाद दो आरोपी हिरासत में हैं, जबकि घनश्याम अस्पताल में भर्ती है। उस पर पुलिस की पूरी निगरानी है। -लक्ष्मण गौड़, एएसपी