शक के घेरे में प्रहरी!
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शक के घेरे में प्रहरी!

नागौर । जिला कारागाह में रविवार रात को निरीक्षण के दौरान मोबाइल पाए जाने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। प्रथम दृष्टया इस मामले की जांच में शक की सुई सुरक्षा प्रहरियों पर घूम रही है।

उनकी बंदियों से सांठ गांठ होने का भी सच सामने आ रहा है। कैदियों से मोबाइल बरामद होने के बाद हरकत में आए जेल प्रशासन ने संबंधित कैदियों की परिजनों से मुलाकात पर एक माह के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। उनके लिए किसी प्रकार की खाद्य सामग्री अन्दर भेजने पर पाबंदी लगी दी गई है।

जेल प्रशासन ने घटना के बाद बेरकों को रोजाना निरीक्षण करने का निर्णय लिया है।

रविवार रात जिला कारागाह में जेल उप अधीक्षक ने रात को बैरकों का निरीक्षण किया। इस दौरान कैदियों के पास तीन मोबाइल मिले जिसमे दो में आईडिया व एयरटेल की सिम थी जबकि तीसरा हैंडसेट बगैर सिम का जब्त किया गया।

मोबाइल हैंडसेट जब्त होने की घटना के बाद जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। घटना की जानकारी होते ही जिला कलेक्टर व एडीएम ने जेल डीएसपी अशोक उपाध्याय से मामले की तुरन्त जांच करने के निर्देश दिए हैं।

वहीं जेल डीआईजी ने भी कारागाह में मोबाइल बरामद होने की घटना को गंभीर मानते हुए ऐसी घटना भविष्य में नहीं होने की हिदायत देते मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं।

जेल में रविवार रात को निरीक्षण करने के दौरान कैदी मोतीराम निवासी राठौड़ी कुंआ, प्रेमाराम निवासी ढढरिया कला व मांगीलाल विश्नोई निवासी राजौर डेगाना के पास से तीन मोबाइल हैंडसेट बरामद हुए थे। जेल प्रशासन ने कैदियों के बयान लेने के बाद अब जेल प्रहरियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया।

घटना के बाद जेल सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कैदियों को पेशी पर लाते ले जाते समय गहन जांच की जा रही है। जेल प्रशासन का शक एक महिला होमगार्ड पर जा रहा है जो कुछ समय पूर्व जेल में प्रहरी के रूप में तैनात थी। बताया जाता है कि उस महिला होमगार्ड का एक कैदी से जेल में रोज मिलना होता था उसी के जरिए मोबाइल जेल में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

सुरक्षा पुख्ता नहीं

प्रदेश भर में जेलों में मोबाइल व नशीले पदार्थ जेल में पहुंचने की घटना समय -समय पर सामने आती रही है और इसका मुख्य कारण है जेल प्रहरियों की कमी।

जेल प्रशासन ने कई बार उच्चाधिकारियों को स्टॉफ की कमी से अवगत करवाया लेकिन नई भर्ती नहीं होने के कारण पदों को भरना संभव नहीं हो पा रहा है और वर्तमान में ही जेल की सुरक्षा होमगार्ड के भरोसे ही चल रही है।



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