घुसपैठिया ढेर, सतर्कता बढ़ी
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घुसपैठिया ढेर, सतर्कता बढ़ी

जोधपुर। एक हफ्ते में दूसरी दफा घुसपैठ की कोशिश को विफल करते हुए बीएसएफ ने श्रीगंगानगर सेक्टर में मंगलवार अलसुबह 4 बजे एक पाक घुसपैठिये को मार गिराया। करीब पच्चीस साल की उम्र के इस घुसपैठिये का शव लेने से पाक रेंजर्स ने इंकार कर दिया।

श्रीगंगानगर सेक्टर की मजनू सीमा चौकी पर चौकसी कर रहे 195 बटालियन के जवानों ने अल सुबह एक पाक घुसपैठिये को तारबंदी की तरफ आते हुए देखा। उसे तारबंदी के पार ही रुकने की चेतावनी दी गई, मगर वह नहीं माना।

इस पर हरकत में आए सीमा प्रहरी ने उसे गोली से मार गिराया। सफेद पायजामा तथा भूरे रंग का कुर्ता पहने इस युवक के कपड़ों की छानबीन में पाक करेंसी तथा एक सिगरेट का पैकेट मिला है। बीएसएफ ने फ्लैग मीटिंग आहूत की, जिसमें पाक रेंसर्ज ने ऐसे किसी घुसपैठ की कोशिश से इंकार करते हुए शव लेने से इंकार कर दिया।

बाद में बीएसएफ ने पुलिस को सूचित कर शव दफना दिया। इससे पहले गत बुधवार को भी शाम सात बजे बीएसएफ के जवानों ने एक घुसपैठिये को मार गिराया था। पिछले दो महीनों में इस सेक्टर से घुसपैठ के पांच मामले सामने आ चुके हैं।

घुसपैठ के पीछे हो सकती है बड़ी साजिश

बीएसएफ राजस्थान फंट्रियर के प्रवक्ता डीआईजी आरसी ध्यानी का कहना है कि श्रीगंगानगर सेक्टर में अतिरिक्त सतर्कता के चलते घुसपैठ नाकाम हो रही हैं। अफसरों को आशंका है कि लगातार घुसपैठ की कोशिशों के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।

पहले दुपहरी, बाद में सूर्यास्त के तत्काल बाद और अब अल सुबह यानी अलग-अलग समय पर घुसपैठ की कोशिशें चौकसी को परखने की मंशा हो सकती है। हर बार पाक रेंजर्स ने फ्लैग मीटिंग में घुसपैठिये को पाक नागरिक मानने से इंकार करते हुए शव ही नहीं लिया। इससे शक और गहराता जा रहा है।

आंधियों में घुसपैठ की आशंका

बाड़मेर। पश्चिमी सरहद पर रेतीली आंधियों की शुरुआत के साथ ही बीएसएफ के जवानों ने चौकसी बढ़ा दी है। विशेषकर सीमा से सटे गांवों में अतिरिक्त चौकसी के लिए जवानों को सौ से दो सौ मीटर के बीच नजदीक तैनात किया गया है।

आंधियां चलने से पश्चिमी सीमा पर संदिग्ध गतिविधियां बढ़ने की आशंका रहती है। आंधियों से आने वाली दिक्कतों के मद्देनजर जवानों को विशेष प्रकार के चश्में उपलब्ध कराए गए हैं।

जवानों के मुताबिक रण-कच्छ इलाके में आंधी के साथ उड़ने वाले धूल के कणों की वजह से कई बार काफी समय तक आंखों में जलन रहती है तथा शरीर के अंगों पर परते जमने से चर्मरोग की आशंका रहती है। आंधियों के कारण कई बार जवान अपने साथी की आवाज तक नहीं सुन पाते।

ञ्चरेतीली आंधियों के चलते सीमा पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। साधारण दिनों में एक दो किमी तक आता व्यक्ति दिख जाता था लेकिन आंधियों के चलते सौ- दो सौ मीटर तक देखना बहुत मुश्किल हो रहा है। ऐसे में जवानों को सौ-सौ मीटर के दायरे में तैनात करना पड़ रहा है। - एन.के.गुर्जर, डीआईजी, बीएसएफ, बाड़मेर



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