जोधपुर. भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान मिग-21 ‘बायसन’ बुधवार को जोधपुर जिले में खेजड़ली गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान को जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन के कमांडिंग एयर कोमोडोर एसबी देव खुद उड़ा रहे थे। विमान के नियंत्रण से बाहर होते ही वे पैराशूट से कूदकर बच गए। यह एक माह के भीतर वायुसेना के विमान की तीसरी दुर्घटना है।
मिग-21 विमान रूटीन ट्रेनिंग उड़ान पर था। इसी दौरान उसमें कुछ तकनीकी खराबी आ गई और विमान जोरदार धमाके के साथ खाली खेत में जा गिरा। विमान का मलबा करीब 200 मीटर इलाके में फैल गया।
दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस व वायुसेना के अधिकारी हादसा स्थल पर पहुंच गए। वायुसेना ने इस दुर्घटना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं, लेकिन फिलहाल कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है।
एक महीने में तीसरा हादसा
वायुसेना ने पश्चिमी राजस्थान में मात्र एक माह में तीन विमान खोए हैं। जैसलमेर जिले में 30 अप्रैल को सुखोई-30 एमकेआई विमान हादसे में एक पायलट ने जान गंवाई थी। जोधपुर के समीप 15 मई को मिग-27 गिरा था। इसके बाद बुधवार को जोधपुर जिले में ही ताजा दुर्घटना हुई थी।
‘उड़ते ताबूत’ने फिर दिया धोखातकनीकी खामियों के चलते बीते एक दशक में बड़ी संख्या में मिग विमान दुर्घटनाग्रस्त होने पर ये ‘उड़ता ताबूत’ के नाम से प्रचलित हो गए थे।
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