इंदौर.
निगमकर्मियों ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मिदा किया है। सोमवार सुबह उन्होंने फिल्म कॉलोनी के दो श्वानों को जहर दे दिया। 7.15 मिनट पर आए निगमकर्मी उन्हें मार डाला और घरों के सामने फेंक गए।
दोनों बेजुबान पालतू थे और एक परिवार द्वारा बाकायदा इनका वैक्सीनेशन भी करवाया जा रहा था। इस परिवार के मुताबिक चार दिन पहले भी दस्ता आया था और धमकी देकर चला गया।
दस्ते में आए कर्मचारियों ने कहा कि वे यहां दो पड़ोसियों की शिकायत पर आए हैं। वहीं जब डीबी स्टार ने इस मामले में संबंधित पड़ोसियों से बात की तो वे बचने लगे और किसी भी तरह की जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया। दूसरी ओर निगम के जिम्मेदार अब भी कह रहे हैं कि उन्होंने ऐसी कोई मुहिम नहीं चलाई है।
सोमवार को फिल्म कॉलोनी में आए निगमकर्मियों ने फिर दो बेजुबानों को जहर देकर मार डाला। दोनों पालतू थे। इन्हें पालने वाले चास्कर परिवार ने निगम के खिलाफ छोटी ग्वालटोली थाने में शिकायती पत्र भी लिखा। इसके बाद थाना प्रभारी ने पश ुचिकित्सालय इंदौर को इन मृत बेजुबानों का पोस्ट मार्टम करने के लिए लिखा है।
जहर देने के लिए शुक्रवार को भी निगम का अमला आया था लेकिन दोनों बेजुबानों सोना और कालू को जहर देने की कोशिश की गई थी। 15/4 फिल्म कॉलोनी निवासी राजेश्वरी चास्कर ने इन्हें जैसे-तैसे पकड़कर कमरे में बंद कर दिया था।
सालों से इनकी देखभाल करने वाली चास्कर के मुताबिक उसके बाद निगमकर्मी आए और देर तक दरवाजा ठोंकते रहे। जब गेट नहीं खोला गया तो वे धमकी देकर चले गए।
डीबी स्टार द्वारा बार-बार अलर्ट करने के बावजूद निगम के जिम्मेदार अपने कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं। भविष्य में भी ऐसी लापरवाही की वजह से किसी बेजुबान की जान न चली जाए इसलिए हम जनता के लिए बता रहे हैं एक्सपर्ट की बात कि कैसे जहर से बचाएं अपने पालतू को-
घर के सामने पड़े हैं और क्या सबूत दें
राजेश्वरी चास्कर के मुताबिक इस घटना की शिकायत मैंने छोटी ग्वालटोली थाने में कर दी है पर वो इनके खिलाफ प्रूफ मांगते हैं। हमारे सामने बेजुबान मारे जा रहे हैं और इनकी लाश घर के दरवाजे पर पड़ी है, इसके ज्यादा और क्या सबूत दें। हत्यारों को सजा होना ही चाहिए, जिससे इन बेजुबानों को न्याय मिल सके।
- राजेश्वरी चास्कर
क्यों परेशान हो रहे हैं..
बेजुबानों के मरने पर आप क्यों परेशान हो रहे हैं.. मैंने इस संबंध में किसी से कोई शिकायत नहीं की। इसलिए आप इस बारे में कुछ मत पूछो। आप उनसे बात करो जिनके पालतू मरे हैं और निगम कर्मचारियों से जिन्होंने यह किया होगा। इससे ज्यादा और कोई जानकारी मैं नहीं दे सकता। नितिन काड़े, पड़ोसी
एक्सपर्ट व्यू
पानी में ज्यादा नमक घोलकर बेजुबानों को पिला देना चाहिए जिससे ये उल्टियां कर जहर को बाहर निकाल दें। फिर एक्टिवेटेड चारकोल टेबलेट उसे खिलाएं। ये जहर को एब्जार्व कर लेती है। इसके बाद तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। साथ ही एट्रोपिन सल्फेट का इंजेक्शन उनको लगवा देना चाहिए।
डॉ. आर.के. जैन, वेटनरी सर्जन
किसी बीमारी से मर गए होंगे..
नगर निगम स्वास्थ्य प्रभारी राजेश राठौर से डीबी स्टार ने की सीधी बात-
क्या आपके कर्मचारियों ने फिर बेजुबानों को मारने की मुहिम छेड़ी है? नहीं, ऐसा नहीं है। हमने नहीं छेड़ी।
फिल्म कॉलोनी के रहवासी तो कह रहे हैं कि आपने उनके पालतू को जहर दिया? हमने पहले भी बताया था कि यह काम हमारा नहीं।
शुक्रवार को किसी की शिकायत पर आपके निगमकर्मी फिल्म कॉलोनी में गए थे क्या ? मुझे नहीं पता।
उन्होंने वहां रहवासियों से बदतमीजी की?
इस बारे में हमें नहीं पता।
कर्मचारी दोनों लाशें उनके दरवाजे पर फेंक गए हैं?
मैं नहीं जानता । किसी बीमारी से मर गए होंगे।