जैसलमेर. राजघराने की संपत्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। पुलिस ने पूर्व महारावल बृजराजसिंह के पीए रघुवीरसिंह भाटी की ओर से बृजराजसिंह के चाचा स्व. चंद्रवीर सिंह के बेटे एकलव्यसिंह के खिलाफ अमरसागर में संपत्ति पर कब्जा करने की शिकायत पर बुधवार को एकलव्यसिंह को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
अमरसागर स्थित महल में पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों की सहमति से ताले लगा दिए गए हैं। पुलिस थानाधिकारी निहाल सिंह ने बताया कि रघुवीरसिंह भाटी ने 25 मई को एकलव्यसिंह द्वारा अमरसागर बाग में नाजायज कब्जा करने की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने आईपीसी की धारा 448, 323 के तहत एकलव्यसिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
उपअधीक्षक कैलाशदान ने बताया कि पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए एकलव्य सिंह को वहां से बेदखल कर गिरफ्तार कर लिया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया। उधर, स्व. चंद्रवीरसिंह की पत्नी पूर्व जिला प्रमुख श्रीमती रेणूका भाटी आरोप लगाया है कि उनके परिवार को राजनीतिक दबाव में पैतृक संपत्ति से बेदखल किया गया है।
श्रीमती रेणुका ने मीडिया को बताया कि ग्राम अमरसागर में अमरसागर तालाब के ऊपर बना महल पूर्व महारावल स्व. गिरधरसिंह की संपत्ति है। इस महल पर उनके दोनों पुत्र स्व. रघुनाथसिंह एवं स्व. चंद्रवीरसिंह का हक है।
देर शाम लगाए ताले
बुधवार देर शाम को पुलिस उपअधीक्षक कैलाशदान और शहर कोतवाल निहालसिंह की उपस्थिति में राज परिवार के दोनों पक्षों ने अमरसागर बाग पर अपने-अपने ताले लगाए। साथ ही राजमाता मुकुटराज्यलक्ष्मी के जैसलमेर आने के बाद विवाद सुलझाने का निर्णय लिया। वर्तमान में महारावल बृजराजसिंह व राजमाता जैसलमेर में नहीं है।
उनका कहना है
महल में पिछले काफी वर्षो से चंद्रवीरसिंह का परिवार रहता है। रघुवीरसिंह भाटी ने पुलिस में झूठी रिपोर्ट पेश की है। पूर्व महारावल के अनेक कामगारों द्वारा गांव के लोगों को धमकाया गया तथा वहां से चले जाने को कहा गया। -श्रीमती रेणुका भाटी, स्व. चंद्रवीरसिंह की पत्नी
महारावल बृजराजसिंह ने स्व. गिरधरसिंह की संपत्ति के मामले में जिला न्यायालय में वाद दायर किया हुआ है, जो अभी विचाराधीन है। -रघुवीरसिंह भाटी, बृजराज सिंह के पीए