इंदौर. राज्य सरकार ने दिल्ली-मुंबई कॉरीडोर से जुड़े मालवा की तस्वीर बदलने वाले तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी है। अब इन प्रोजेक्ट्स पर विशेषज्ञ क्रियान्वयन की दिशा तय करेंगे।
बुधवार को भोपाल में मुख्य सचिव राकेश साहनी अध्यक्षता में संपन्न बैठक में इंदौर-पीथमपुर इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर, पीथमपुर लाजिस्टिक हब तथा उज्जैन में प्रस्तावित नॉलेज सिटी के लिए प्रोजेक्ट कंसल्टेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लि. (आईएलएफएस) द्वारा तैयार डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट(डीपीआर) पर प्रेजेंटेशन व विचार-विमर्श हुआ। समिति ने ये तीनों प्रोजेक्ट अनुमोदित कर दिए। पीथमपुर वाटर सप्लाय प्रोजेक्ट पर आज चर्चा नहीं हो पाई।
ये फैसले हुए
पीथमपुर लाजिस्टिक हब के लिए प्रस्तावित रेलवे स्टेशन व राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी ऑटो क्लस्टर व सेज के बीच की 200 एकड़ जमीन का अनुमोदन कर दिया। समिति ने इस जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए।
इंदौर-पीथमपुर इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर के लिए अभी इंदौर विमानतल से धार रोड तक की एकेवीएन के आधिपत्य की आठ किमी लंबी सड़क के समानांतर ही नई सड़क बनाने का फैसला किया। इससे विमानतल से पीथमपुर की दूरी कम हो जाएगी।
नॉलेज सिटी उज्जैन के लिए नरवर स्थित महाकाल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के पास 400 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी।