इंदौर.
बारहवीं के एक छात्र ने बुधवार दोपहर फांसी लगा ली। उसे 78 फीसदी नंबर आए थे, लेकिन वह खुश नहीं था। पुलिस का मानना है कि आत्महत्या का कारण ज्यादा नंबर न आना हो सकता है।
88, बिजलीनगर निवासी एमपीईबी के हेड लाइनमैन हरीश पटेल के पुत्र विक्की (18) ने बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे अपने कमरे में फांसी लगा ली। श्री पटेल जूस लेकर आए थे।
उन्होंने बेटी से विक्की को जूस दे आने को कहा लेकिन उसे दरवाजा बंद मिला। तब श्री पटेल गए और धक्का दिया तो देखा दरवाजे के पास ही विक्की दुपट्टे से लटक रहा था। वे विक्की को लेकर मयूर हास्पिटल लेकर पहुंचे जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वे उसे एमवाय हॉस्पिटल लाए। हॉस्पिटल से सूचना पाकर खजराना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया।
इंजीनियर बनने का सपना था
जांच अधिकारी एएसआई एस.एन. द्विवेदी ने बताया पूछताछ में सामने आया कि विक्की नसिया रोड स्थित गुजराती स्कूल में पढ़ता था। 12वीं का रिजल्ट आने के बाद से गुमसुम था। उसे लगता था कि वह 85-90 फीसदी तक स्कोर करेगा। उसके पिता ने कई बार समझाया भी था। विक्की के कोचिंग इंस्टिट्यूट के फैकल्टी ने बताया उसने 11वीं में आने के बाद एआई-ईईई की तैयारी के लिए एडमिशन लिया था। इस दौरान उसने कभी आईआईटी का जिक्र तक नहीं किया था। उसके पिता ने बताया उसने केवल पीईटी का ही फॉर्म भरा था।
ऑल इंडिया लेवल की किसी परीक्षा में वह शामिल नहीं हुआ था। उधर, एमवाय हॉस्पिटल में मॉच्यरुरी के बाहर बैठे उसके पिता की हालत खराब हो रही थी। पुलिस कार्रवाई के आवश्यक दस्तावेजों में बमुश्किल उनसे दस्तखत करवाए जा सके। विक्की का शव घर पहुंचा तभी मां और बहन को उसकी मौत का पता चला। रो-रोकर दोनों का बुरा हाल हो गया। बुधवार शाम को ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।