इंदौर.
नेपथ्य नाटच्य समूह की एक्टिंग वर्कशॉप में शहर के उभरते कलाकारों को अभिनय के गुर सिखाने के लिए चेतन दोपहर में जगदाले सभागृह पहुंचे। चेतन ज्यादातर फिल्मों में मूंछों से पहचाने जाते हैं लेकिन अभी वे गायब हैं। इसका फायदा उठाकर वे देवास और इंदौर में भाई के साथ मजे से घूम रहे हैं।
वे कहते हैं देवास का रहने वाला हूं लेकिन इंदौर मेरी कर्मस्थली रही है। यहीं से एनएसडी में जाने की राह खुली। फिल्म गंगाजल के लिए प्रकाश झा से मिला, उन्हें लगा मैं भोलेनाथ पांडे का किरदार निभा सकता हूं।
शूटिंग के दौरान ही उनसे बहस हो गई। मैंने सवाल किया भोलेनाथ को पान खाना है तो हर बार पनवाड़ी से क्यों कहेगा कि कैसा पान लगाना है। बाद में उन्होंने मेरे काम की तारीफ भी की। ऐसे कैरेक्टर की तलाश में रहता हूं, जो यादगार बने। राजनीति व मधुर भंडारकर की जेल में ऐसे ही किरदार कर रहा हूं। अभिनय का लक्ष्य समग्रता होना चाहिए।