बीकानेर. जोधपुर विद्युत वितरण निगम ने एक तरफ जहां विद्युत कटौती नहीं करने की घोषणा कर दी है लेकिन स्थिति यह है कि शहर में अब भी बिना बताए विद्युत कटौती का दौर चल रहा है। बीकानेर जिले को वर्तमान में करीब साठ लाख यूनिट बिजली मिल रही है लेकिन इसके बावजूद न तो शहरी क्षेत्रों में कटौती रोकी गई और न ही ट्यूबवैलों पर निर्धारित मात्रा में बिजली दी जा रही है।
बीकानेर शहर में करीब तीन-चार दिन पूर्व निगम मुख्यालय की ओर से मिले निर्देशों के बाद घोर्षित रूप से तो विद्युत कटौती बंद कर गई लेकिन अघोषित कटौती का दौर अब भी चल रहा है। मंगलवार को शहर के शादरूलगंज क्षेत्र में कटौती की गई वहीं बुधवार को जयनारायण व्यास कॉलोनी क्षेत्र में करीब सुबह साढ़े दस बजे बिजली गुल हो गई।
इस क्षेत्र में आधा से एक घंटे तक बिजली कटौती की गई। वहीं दूसरी ओर नगरपालिका और पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में भी अब कटौती बंद कर दी गई है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी घरेलू और कृषि कनेक्शनों को पूरा वोल्टेज नहीं मिल रहा है। ट्यूबवैलों को पूरा वोल्टेज नहीं मिलने के साथ-साथ निर्धारित मात्रा में बिजली भी नहीं मिल रही है।
बीकानेर तहसील के किसान रणजीतसिंह का कहना है कि विद्युत निगम ने शहरी क्षेत्रों में विद्युत कटौती बिजली संकट दूर करने और कृषि कनेक्शनों को पूरी बिजली देने के लिए की थी लेकिन वास्तविकता में इसका फायदा किसानों को नहीं मिला है। ट्यूबवैलों पर आज भी साढ़े पांच घंटे बिजली दी जा रही है और वह भी कम वोल्टेज में। कम वोल्टेज के कारण बिजली मिलने से न तो पूरा पानी खींचा जाता और न ही फव्वारे में पूरा प्रेशर रहता है।
इस कारण मूंगफली की बढ़ रही फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बना है। फसल को पूरा पानी नहीं मिलने और लू चलने के कारण पौधे जल सकते हैं। उधर निगम अभियंता अब भी किसानों को पूरी बिजली देने का दावा कर रहे हैं। शहर में हुई अघोषित कटौती के बारे में पूछने पर निगम के अधिशासी अभियंता हवासिंह चौधरी का कहना है कि व्यास कॉलोनी में सेक्टर दो में पोल बदलने के लिए बिजली काटी गई थी।