बीकानेर. बेरोजगार और भूमिहीनों को जमीन आबंटित करने के लिहाज से सात साल पहले उपनिवेशन विभाग ने आवेदन मांगे थे। 64000 लोगों ने आवेदन किए थे लेकिन छंटनी के बाद 59910 आवेदक बचे थे उन्हें अब तक जमीन नहीं मिली। कारण यह है कि अब विभाग के पास जमीन कम पड़ गई।
इससे सभी को जमीन मिलना असंभव हो गया है। ऐसी स्थिति में विभाग से लेकर अब आवेदनकर्ता भी असमंजस की स्थिति में हैं। जब सरकार ने लोगों से आवेदन मांगे थे तब आश्वासन दिया था कि सभी को 25 बीघा के लगभग भूमि आबंटित की जाएगी। अब लोग जमीन के लिए चक्कर लगा रहे हैं मगर विभाग गेंद सरकार के पाले में डालकर पल्ला झाड़ रहा है। यह जमीन जैसलमेर, नाचना, मोहनगढ़, बाप व रामगढ़ के आसपास आबंटित की जानी थी। विभाग ने सभी प्रार्थना-पत्रों को सूचीबद्ध कर लिया है मगर जिन लोगों ने डबल या ट्रिपल आवेदन किया था उनकी छटनी नहीं हो पा रही है। 59910 आवेदन में सैकड़ों लोग ऐसे हैं जिन्होंने हर तहसील में आवेदन किया है मगर कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम नहीं होने के कारण ऐसे लोग चिन्हित नहीं हो सके। दूसरी बात यह है कि बड़ी संख्या में आवेदन आने से सरकार इतने लोगों को जमीन देने में असक्षम है।
विभाग के पास अब जमीन नहीं है। नियमों के मुताबिक विभाग के पास कुल जमीन का 50 प्रतिशत हिस्सा सामान्य आबंटन, शेष 50 प्रतिशत का 60 प्रतिशत हिस्सा विशेष आबंटन व 40 प्रतिशत खुली बिक्री के तहत आबंटित होता है। कुछ लोगों का सुझाव है कि विभाग के खुली बिक्री और विशेष आबंटन की जमीन को डी-नोटिफाइड कर लोगों को जमीन आबंटित की जा सकती है मगर सरकार और विभाग इस पर विचार नहीं कर रहे हैं।
विभाग के पास जमीन की कमी है। इस संबंध में सरकार से बात की जाएगी। -नत्थूराम, अतिरिक्त आयुक्त, उपनिवेशन विभाग
अब क्या स्थिति
भूमिहीनों से उपनिवेशन विभाग ने आवेदन तो ले लिए लेकिन विभाग के पास 15559 हैक्टेयर ही भूमि बची है। इसमें लगभग तीन हजार आवेदकों को ही अलार्टमेंट हो सकता है। सवाल यह है कि शेष आवेदकों को कब और कहां भूमि मिलेगी।