लूणकरणसर.
लूणकरणसर कस्बे की जलप्रदाय योजना के तहत बनी पेयजल डिग्गियों व जलहौज से दूषित पेयजल आपूर्ति होने से कस्बे सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में उल्टी, दस्त व पेट दर्द के रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है जिसको लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। जलहौज विभागीय उदासीनता के कारण क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और पक्षियों के जमघट के कारण पीने का पानी दूषित हो रहा है।
वरिष्ठ नागरिक एवं सेवानिवृत प्रधानाध्यापक अशोक कुमार भादू ने बताया कालू रोड स्थित जलदाय विभाग के जलहौज की छत्त काफी लम्बे समय से क्षतिग्रस्त हुई पड़ी है। हौज के पास ही घनी आबादी के कारण यहां बच्चे खेलते रहते है जिससे हर समय दुर्घटना आंशका बनी रहती है। इसके साथ ही विभाग विभाग की ओर से नहर से सीधे ही पानी की आपूर्ति की जा रही है तथा पानी को क्लोरीन व ब्लीचिंग पाउडर से शुद्घ भी नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीण बदबूदार व दूषित पानी पीने को मजबूर हो रहे है जिससे जलजनित रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी होने से कस्बे सहित आस-पास के गांवों में बने सामुदायिक चिकित्सालयों में रोगियों की भीड़ बढ़ रही है। लूणकरणसर नागरिक सेवा समिति ने शुद्घ पेयजल की आपूर्ति करवाने की मांग प्रशासन व जलदाय विभाग से की है। महाजन संवददाता के अनुसार कस्बे सहित पूरे ग्रामीण अंचल में दूषित पेयजल की आपूर्ति होने से जलजनित बीमारियां फैलने की अशंका के कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीण नेमीचंद बोहरा ने बताया कि लगभग एक सप्ताह से सप्लाई किए जा रहे पानी में काई आने से पानी का रंग भी बदल गया है जिसे देख कर ग्रामीण हतप्रभ हैं। इसके साथ ही समीपवर्ती गांव गुसाईंणा, बालादेसर, लालेरां, घेसूरा आदि दर्जनों गांव पेयजल की किल्लत से भी जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाने के बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।