भोपाल.
दमोह निवासी सोमी खान एक माह से बारहवीं के रिजल्ट के लिए परेशान है। रिजल्ट न मिलने से वे प्रतियोगी परीक्षा का आवेदन नहीं कर पा रही हैं। उधर, माध्यमिक शिक्षा मंडल का डाटा सेक्शन उन्हें फिजिक्स की कॉपी मिसिंग बता रहा है।
सोमी खान तो उदाहरण मात्र है। माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय में दर्जनों विद्यार्थियों की कॉपियां गायब हैं। इनमें से ज्यादातर विद्यार्थी मंडल की चौखट तक पहुंच चुके हैं, लेकिन उन्हें सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिल रहा है, जबकि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अंकसूची की जरूरत है। इस साल मंडल ने हायर सेकंडरी में 1232 और हाईस्कूल में 788 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम रोका है।
विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का मंडल की कार्यप्रणाली से विश्वास उठने लगा है। संविदा शिक्षकों से मूल्यांकन कराकर मंडल ने विद्यार्थियों के विश्वास को ठेस पहुंचाई है। अब अंक सत्यापन और रुके परीक्षा परिणाम को लेकर भी मंडल की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठने लगी है।
इस साल दोनों कक्षाओं में 2020 विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम रोके गए हैं, जिनका कारण स्पष्ट नहीं है। रुका परिणाम जानने रोज दर्जनों विद्यार्थी भोपाल आ रहे हैं, जबकि मंडल के अधिकारी उन्हें संतुष्ट करने में असमर्थ हैं। ज्यादा हुआ तो विद्यार्थी को डाटा सेक्शन भेज दिया जाता है। यहां वह कागजी कार्रवाई में उलझकर वापस लौटने में ही भलाई समझता है।
क्या हुआ सोमी के साथ: सोमी इस साल दमोह के नवजागृति स्कूल से हायर सेकंडरी की परीक्षा में शामिल हुई हैं। उन्हें मंडल ने 292515669 रोल नंबर जारी किया। मंडल ने 28 अप्रैल को बारहवीं का परीक्षा परिणाम जारी किया है, लेकिन सोमी का रिजल्ट नहीं आया। सोमी के भाई इमरान ने जब मंडल से जानकारी ली, तो पता चला कि सोमी का रिजल्ट रोका गया है। रिजल्ट क्यों रोका गया, यह बताने कोई तैयार नहीं।
मंगलवार को इमरान मंडल के सागर संभाग के डाटा सेक्शन तक पहुंचा। सेक्शन इंचार्ज ने इमरान को चार विषय के अंक बता दिए, जबकि फिजिक्स के अंकों के संबंध में कहा, ‘कॉपी मिलते ही चैक कर अंकसूची जारी कर देंगे।’ पिछले साल री-टोटलिंग के दौरान साढ़े छह हजार कॉपियां मिसिंग थीं। सूत्र बताते हैं कि मिसिंग कॉपियों को एक माह तलाशा गया। जब नहीं मिलीं, तो साढ़े छह हजार विद्यार्थियों का रपरिणाम ‘कोई परिवर्तन नहीं’ कर जारी कर दिया।
एक माह से चक्कर
च्च्एक माह से मंडल के चक्कर लगा रहा हूं। डाटा सेक्शन फिजिक्स की कॉपी मिसिंग बता रहा है। कॉपी तलाशने के लिए कर्मचारियों को नोटिस दिया जाता है, जिसमें ‘कॉपी मिसिंग’ लिखकर आ रहा है। हालांकि मंडल ने चार विषय के नंबर बता दिए हैं, लेकिन फिजिक्स की कॉपी मिलने के बाद ही अंकसूची जारी हो सकेगी।
-इमरान खान छात्रा का भाई
अधिकारियों को नहीं मलाल
च्च्मंडल की कार्यप्रणाली पर अब विश्वास नहीं रहा है। मूल्यांकन, री-टोटलिंग और अब कॉपियां न मिलने के मामले सामने आ रहे हैं। रिजल्ट रुकने से विद्यार्थियों के दिल और दिमाग पर गहरा असर पड़ रहा है। इसके बाद भी मंडल के अधिकारियों को मलाल नहीं है। ऐसे में विद्यार्थी आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं में भला कैसे बैठ पाएंगे।
-डॉ. आरएस परिहार अभिभावक
कारण नहीं बता रहे
च्च्हायर सेकंडरी और हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम से निराशा हुई है। इतने पर ही विद्यार्थियों का परिणाम रोकना नागवार गुजर रहा है। मंडल परिणाम रोकने का कोई कारण भी नहीं बता रहा है। खराब रिजल्ट को लेकर समीक्षा बैठकें हो रही हैं तो अधिकारियों को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।
-उमाशंकर गौतम अभिभावक
अब भी परीक्षा: परिणाम घोषित होने के बाद भी विद्यार्थियों को परीक्षा देना पड़ रही है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के कार्यालय में अपना रुका हुआ परिणाम जानने प्रदेशभर से विद्यार्थी पहुंच रहे हैं। यहां एक विभाग से दूसरे विभाग में भटकने और कागजी कार्रवाई में उलझने के बाद उन्हें जवाब मिल रहा है कि कॉपी मिसिंग है। इन विद्यार्थियों को यह बताने वाला कोई नहीं है कि आखिर उनका रिजल्ट कब घोषित किया जाएगा।