भोपाल. छोला रोड धर्मकांटा स्थित मंदिर के पास से शराब दुकान तत्काल हटाने के निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को दे दिए हैं। यह जानकारी मिलते ही डेढ़ माह से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे साधु-संतों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने बुधवार को मंदिर में सरकार को सद्बुद्धि के लिए हवन किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उक्त मंदिर के पास से शराब की दुकान तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। निर्देश उन्होंने भोपाल संभाग के आयुक्त डॉ. पुखराज मारू, उप पुलिस महानिरीक्षक अशोक अवस्थी, अपर कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रुचि श्रीवास्तव को मंत्रालय में बुलाकर दिए। शराब दुकान हटाने को लेकर कोई डेढ़ माह पूर्व मंदिर के महंत बाबा पवन गिरि ने खड़े रहकर हटयोग प्रारंभ किया था।
बाद में संतों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया था। उन्होंने पहले कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर के बंगले पर प्रदर्शन किया। वे मुख्यमंत्री निवास पर भी ज्ञापन लेकर पहुंचे थे। संत श्री गिरि ने तीन दिन पहले अन्न का त्याग कर आमरण अनशन करना शुरू कर दिया। श्री गिरि की को मंगलवार रात पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कर दिया था, किंतु महंत देर रात अस्पताल से वापस मंदिर पहुंच गए।
उनका कहना है कि अनशन तुड़वाने पुलिस उन्हें जबरन अस्पताल ले गई थी। मंगलवार को ही दिन में संतों और हनुमानगंज के थाना प्रभारी के बीच झड़प हुई थी। एक महंत प्रेम गिरि ने तो थाना प्रभारी को मारने के लिए पत्थर उठा लिया था।
बाद में पुलिस बल ने पहुंचकर बाबा को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटनाक्रम के चलते मुख्यमंत्री ने दोपहर में आला अफसरों को मंत्रालय बुलाकर शराब दुकान हटवाने के निर्देश दिए। महंत का कहना है कि जब तक शराब दुकान हट नहीं जाती संतों का आंदोलन जारी रहेगा। गुरुवार को शिव सैनिकों ने आंदोलन की श्रंखला में श्मशान में यज्ञ करने की घोषणा की है।