भोपाल. विधानसभा चुनाव में किसानों को तीन फीसदी ब्याज पर ऋण देने के वादे को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने अब कवायद तेज कर दी है। साथ ही प्राकृतिक आपदा के दौरान ऋण परिवर्तन के बाद लगने वाले ब्याज दर को कम करने पर भी विचार शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को राज्य मंत्रालय में कृषि और सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में इस तरह के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को इसी साल से तीन फीसदी ब्याज पर ऋण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तीन फीसदी ब्याज से ऋण दिए जाने की स्थिति में विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए। बैठक में आश्वस्त किया गया कि जल्द ही मंत्रिपरिषद के सामने इसकी संक्षेपिका पेश कर दी जाएगी।
किसानों को स्वस्थ मिट्टी का कार्ड : सीएम ने कहा कि व्यापक अभियान चलाकर किसानों को स्वस्थ मिट्टी के कार्ड वितरित किए जाएं। खेतों में आग से होने वाले नुकसान का पता लगाने के लिए अध्ययन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बीज उत्पादन सहकारी समितियों के विस्तार और कोदो-कुटकी के निर्यात की संभावनाओं को तलाशे जाने को भी कहा।
48 घोषणाएं पूरी, 42 पर अमल जारी : बैठक में जानकारी दी गई कि किसान महापंचायत और पंचायतों में कृषि से संबंधित 48 घोषणाओं पर अमल हो चुका है और 42 सतत व प्रक्रियाधीन श्रेणी की हैं, जिन पर अमल चल रहा है।
बिजली संबंधी घोषणाओं बकाया बिल के भुगतान की कृषक ऋण राहत योजना, खेती के लिए सस्ती बिजली, साल में दो बार छह माह की बिलों की राशि के अग्रिम भुगतान की सुविधा, खेतों व घरेलू बिजली के फीडर अलग करने संबंधी घोषणाओं पर अमल किया जा रहा है। मंडियों में इलेक्ट्रानिक तौल कांटा लगाने की कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
सहकारिता की 32 में 18 घोषणाओं पर अमल : मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में बताया गया कि सहकारिता विभाग की 32 में से 18 घोषणाओं पर अमल चल रहा है। भिंड क्षेत्र के 2902 किसानों के चार करोड़ 8 लाख रुपए के ऋण मध्यम और दीर्घकालिक ऋण में बदले गए हैं।
कम ब्याज पर विचार
प्राकृतिक आपदा के दौरान किसानों के ऋण परिवर्तन कर दिए जाते थे और उन्हें कुछ साल ऋण चुकाने से मुक्ति मिल जाती थी। मगर उन्हें ऋण पर पांच के स्थान पर 13 फीसदी ब्याज देना होता था, जिससे उन्हें कुछ साल तक ऋण नहीं चुकाने की मोहलत से मिले लाभ से ज्यादा ब्याज का नुकसान होता था। किसानों के इस नुकसान को कम करने के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विचार करने को कहा है।