अजमेर.
जोधपुर के भदवासिया तिलक नगर स्थित खींची अस्पताल में बच्चे की खरीद-फरोख्त के मामले में आरोपी डॉक्टर सुशीला खींची ने बुधवार को अजमेर पहुंच कर पुलिस के सामने अपना पक्ष रखा। डॉ. खींची ने बच्च बेचने से इनकार किया है। पुलिस को उसके बयान पर ऐतबार नहीं है, रिपोर्ट जोधपुर पुलिस को सौंप दी गई है। इसके आधार पर जोधपुर में मायामंदिर थाना पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी।
आईपीएस राहुल प्रकाश ने बताया कि जांच में पुष्टि हुई है ति अस्पताल में अवैध रूप से गर्भपात, बच्चों की खरीद-फरोख्त और फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। तफ्तीश के आधार पर रिपोर्ट बुधवार को जोधपुर पुलिस को सौंप दी गई है। बुधवार को आरोपी डॉ. सुशीला खींची से पूछताछ की गई।
उसने बच्चे बेचने के आरोप को गलत ठहराया, लेकिन वह पुलिस के इस सवाल का जवाब नहीं दे सकी कि ब्यावर निवासी रामेश्वरी के बच्चे का जन्म-सर्टिफिकेट खींची अस्पताल से जारी किया गया, जबकि रामेश्वरी गर्भवती नहीं हुई थी।
उल्लेखनीय है कि आठ माह पहले जेएलएन अस्पताल के बाल रोग विभाग से अपह्रत एक बच्चे के पिता फॉयसागर रोड निवासी प्रकाश की सूचना पर आईपीएस राहुल प्रकाश और पुलिस दल ने जोधपुर के माया मंदिर थाना इलाका स्थित खींची अस्पताल में तफ्तीश की थी। इसमें यहां से बच्च नौ हजार रुपए में ब्यावर के दंपति को बेचने का खुलासा हुआ था।