भोपाल.
क्या भोपाल दुग्ध संघ के सामने दूध के दाम बढ़ाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था? जो किसानों को दूध का ज्यादा दाम देने के लिए संघ ने ग्राहकों की जेब हल्की करने का निर्णय ले लिया है। पिछले ढाई साल में चौथी बार दाम बढ़ाए जा रहे हैं। तीन बार में दूध के दाम चार रुपए प्रति लीटर बढ़े हैं। अब एक लीटर पर दो रुपए फिर से बढ़ाए जा रहे हैं।
दाम बढ़ाने के पीछे दुग्ध संघ के अधिकारियों के मुताबिक डेरी से संबंधित सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं। किसानों को दूध के वर्तमान दाम से डेरी का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है और वे डेरी उद्योग से तौबा कर रहे हैं, लेकिन किसानों को फायदा पहुंचाने और डेरी उद्योग को बरकरार रखने के लिए दाम बढ़ाना कहां तक उचित हैं।
डेरी उद्योग के जानकार बताते हैं कि सूखे के चलते डेरी उद्योग महंगा जरुर हुआ है, लेकिन दूध के दाम बढ़ाकर इसे कहां तक नियंत्रित किया जा सकता है। सबकुछ बारिश पर निर्भर है। यदि बारिश अच्छी हो गई, तो चारा, पानी आसानी से मिलने लगेगा और मवेशियों की खुराक की अन्य सामग्री भी सस्ती हो जाएगी। ऐसा होने में अधिकतम छह माह लगेंगे।
इतनी अवधि के लिए दाम बढ़ाना, उचित नहीं है। भोपाल दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मशरूर आलम खान इसकी पुष्टि करते हैं। वे कहते हैं कि बारिश अच्छी हो गई, तो दूध के दाम भी कम कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि डेरी से सीधे 21 रुपए लीटर दूध खरीदा जा रहा है। दूध के परिवहन, चिलिंग और पैकिंग में भी काफी खर्च होता है।
कहां क्या दाम : देश के प्रमुख शहरों में दूध के दाम 28 रुपए लीटर हैं। इनमें पूना, नई दिल्ली, मुंबई, कलकत्ता, नागपुर सहित अन्य शहर शामिल हैं, वहीं प्रदेश में सिर्फ जबलपुर ऐसा जिला है। जहां वर्तमान में 26 रुपए लीटर दूध बिक रहा है। भोपाल में दाम बढ़ने के बाद इंदौर और ग्वालियर में भी दूध के दामों में वृद्धि होगी।
आदेश जारी : भोपाल दुग्ध संघ ने दूध के दाम बढ़ाने संबंधी आदेश बुधवार को जारी कर दिया है। संघ चारों ब्रांड के दूध के रेट एक जून से बढ़ा रहा है। एक जून के बाद चारों ब्रांड का दूध दो रुपए लीटर महंगा मिलेगा।