जयपुर. फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई), नई दिल्ली की मान्यता के बिना चल रहे कॉलेज से बी.फार्मा करने वालों का भविष्य अधर में लटक गया है।
श्री बालाजी कॉलेज ऑफ फार्मेसी से डिग्री ले चुके दो बैचों के 120 विद्यार्थियों को राजस्थान फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण कराने, एम.फार्मा में प्रवेश लेने तथा सरकारी नौकरी मिलने में परेशानी हो रही है। छात्र महेश (परिवर्तित नाम) ने बताया कि तीसरा बैच भी अगले माह निकलने वाला है।
राज्य में कई कॉलेज पीसीआई की मान्यता के बिना चल रहे हैं। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.पी.पी.एस. माथुर का कहना है कि एआईसीटीई से मान्यताप्राप्त होने पर कॉलेज को विश्वविद्यालय से मान्यता देकर परीक्षा कराई जाती है।
राजस्थान फार्मेसी काउंसिल के कार्यवाहक रजिस्ट्रार जेपी शर्मा का कहना है कि पीसीआई की ओर से जारी सूची में कॉलेज का नाम नहीं होने पर नियमानुसार विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन करना संभव नहीं है। दूसरी तरफ, बालाजी कॉलेज के प्राचार्य डी.एस. राठौड़ ने बताया कि बी.फार्मा कोर्स की मान्यता के लिए सारी कार्यवाही की जा चुकी है। मान्यता संबंधी फाइल पीसीआई दिल्ली में लंबित है। हम मानते हैं कि मान्यता नहीं होने से विद्यार्थियों को कई तरह की परेशानियां हो रही हैं।
रजिस्ट्रेशन का इंतजार
बिना पीसीआई की मान्यता के चल रहा है कॉलेज, 120 विद्यार्थियों को एम.फार्मा में प्रवेश व सरकारी नौकरी मिलने में परेशानी।