जयपुर.
मानसरोवर में बी-2 बाइपास के खिलाफ उठे आक्रोश के बाद अब यहां करीब एक किलोमीटर लंबी एलीवेटेड रोड बनाने का निर्णय किया गया है। एलीवेटेड रोड का एक सिरा अमानीशाह नाले में निर्माणाधीन उच्च पुल से जुड़ेगा और द्वारका पथ से होकर दूसरा सिरा न्यू सांगानेर रोड पर मिलेगा।
सहकार सर्किल पर वाहनों को यातायात जाम से बचाने के लिए बाईस गोदाम पुलिया का विस्तार कर भवानी सिंह मार्ग तक पुल बनाया जाएगा। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने शहर का दौरा करने के बाद बुधवार को इस संबंध में जयपुर विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए।
शहर में यातायात संचालन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए धारीवाल ने बुधवार को उन स्थानों का जायजा लिया जहां आए दिन ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है। उन्होंने सहकार मार्ग पर जेपी फाटक, खासाकोठी फ्लाईओवर, सोढाला तिराहा, गुर्जर की थड़ी, बी-2 बाइपास समेत विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया।
मंत्री के साथ नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव जीएस संधु, जेडीए आयुक्त उमेश कुमार, जेडीए के डायरेक्टर इंजीनियरिंग ओपी दौराया, अतिरिक्त मुख्य अभियंता ललित शर्मा, सर्किल अभियंता राजकुमार शर्मा और आरएल जाजू सहित कई अधिकारी दौरे में शामिल थे।
सबसे पहले मंत्री ने जेपी फाटक के कारण यातायात संचालन में आ रही समस्या का निदान जेडीए अधिकारियों से पूछा। अधिकारियों ने बताया कि यहां रेलवे लाइन के ऊपर से एलीवेटेड रोड बनाकर यातायात को निर्बाध चलाया जा सकता है। मंत्री ने इसके लिए प्लानिंग करने के निर्देश दिए।
इसके बाद मंत्री का काफिला महात्मा ज्योतिबा फूले सर्किल (सहकार सर्किल) पहुंचा। यहां के निरीक्षण के बाद धारीवाल ने बाइसगोदाम पुलिया का विस्तार करके सर्किल के ऊपर से भवानीसिंह मार्ग तक पुल बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने उनको सर्किल को हटाने पर विरोध की आशंका जताई तो उन्होंने कहा कि पुल सर्किल के ऊपर से निकाला जाए ताकि पुल के नीचे से ट्रैफिक निर्बाध गति से चलता रहे और सर्किल भी अपने स्थान पर बना रहे।
गुर्जर की थड़ी पर अंडर पास व फ्लाइओवर बनेगा
धारीवाल ने मानसरोवर को टोंक रोड से जोड़ने वाले बी-2 बाइपास के निर्माण कार्य को देखा तथा अधिकारियों से कार्य पूर्ण करने की अवधि की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्य सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने एसएफएस क्षेत्र के लोगों की मांग और भविष्य में दुर्घटनाओं से बचने के लिए बी-2 बाइपास में द्वारकापथ से न्यू सांगानेर रोड तक एक किमी. एलीवेटेड रोड बनाने की सहमति देते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा। धारीवाल ने गुर्जर की थड़ी पर बनने वाले अंडरपास की डिजायन को देखा और यहां गोपालपुरा बाइपास पर फ्लाइओवर बनाने के निर्देश दिए।
जगह मिली तो कॉरीडोर
बीआरटीएस योजना के तहत जहां सड़कों की पर्याप्त चौड़ाई मिलेगी वहां कॉरीडोर बनाए जाएंगे और जहां सड़क की चौड़ाई कम होगी वहां मिक्स ट्रैफिक में बीआरटीएस बसें चलेंगी। बीआरटीएस में नए फेज में अन्य सड़कों को भी शामिल किया जा सकता है। मेट्रो के संबंध में उन्होंने कहा- इस दिशा में डीएमआरसी ने सर्वे शुरू कर दिया है। अगले छह माह में डीपीआर मिलने के बाद धरातल पर काम शुरू किया जाएगा।
जनता को क्या फायदा
बाइपास के भारी वाहन अब एलीवेटेड रोड से गुजरेंगे। इससे स्थानीय यातायात सुचारु चल सकेगा और दुर्घटनाओं का खतरा नहीं रहेगा। इस एक किलोमीटर के हिस्से में आने वाले पांच क्रासिंग पर यातायात जाम नहीं लगेगा।
बी-2 बाइपास की जरूरत क्यों, कब-क्या हुआ?
पिछली सरकार के समय की स्थिति
भाजपा सरकार ने गोपालपुरा बाइपास पर भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए बी-2 बाइपास योजना बनाई। टोंक रोड से मानसरोवर को जोड़ते हुए न्यू सांगानेर तक सड़क बनाने के लिए दुर्गापुरा अनुसंधान केंद्र की जमीन ली गई और अमानीशाह नाले में उच्च पुल का निर्माण शुरू किया गया।
मानसरोवर में उठा विरोध
शिप्रापथ से न्यू सांगानेर रोड के बीच द्वारका पथ से प्रस्तावित किए गए बाइपास का विरोध हुआ। लोगों ने इसके लिए एलीवेटेड रोड बनाने की मांग उठाई।
जनता के दबाव का असर
विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री, नगरीय विकास मंत्री और जेडीए आयुक्त को विरोध दर्ज कराया। जनता के दबाव के बाद धारीवाल ने बुधवार को सघन आबादी से एलीवेटेड रोड निकालने की घोषणा की।
अब क्या होगा
बाईस गोदाम पुलिया का विस्तार करके भवानीसिंह मार्ग पर उतरेगा फ्लाइओवर, गुर्जर की थड़ी पर फ्लाइओवर के साथ अंडरपास भी बनेगा।