उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) के कुलपति डॉ. प्रताप नारायण पूरे दो माह बाद मंगलवार को यहां पहुंचे। उनके यहां नियमित नहीं बैठने से यूनिवर्सिटी में कई काम अटके हुए थे। उल्लेखनीय है कि बीकानेर स्थित राजस्थान कृषि विवि के कुलपति डॉ. प्रताप नारायण के पास एमपीयूएटी का अतिरिक्त चार्ज है।
यहां पद रिक्त होने और उनके पास अतिरिक्त चार्ज होने से एमपीयूएटी को कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा है। वे ज्यादातर बीकानेर में ही रहते हैं। इसी वजह से यहां प्रशासनिक, एकेडमिक कामों सहित रिसर्च परियोजनाओं से संबंधित फाइलें कई दिनों तक लंबित रहती है। वे पिछली बार मार्च के आखिर में आए थे। मंगलवार को यहां उन्होंने जरूरी फाइलें निबटाई। मुख्य अतिथि बुलाया तब भी नहीं आए
एमपीयूएटी के सबसे बड़े कॉलेज राजस्थान कृषि महाविद्यालय के हफ्तेभर पहले हुए वार्षिकोत्सव में डॉ. प्रताप नारायण को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया था मगर वे नहीं आए। सीटीएई में जल वैज्ञानिकों की राष्ट्रीय कार्यशाला में में नहीं पहुंच पाए।
स्थायी कुलपति नहीं होने से कर्मचारियों के कई काम समय पर नहीं हो रहे हैं। उपार्जित अवकाश भत्ता व छठे वेतन के एरियर की फाइलें अटकी पड़ी है। इस कारण कर्मचारियों में आक्रोश है। -करणसिंह शक्तावत, शैक्षणोत्तर कर्मचारी संघ
ञ्चछात्र अपनी समस्याओं को लेकर कुलपति सचिवालय पहुंचते हैं लेकिन वहां उनकी सुनने वाला कोई नहीं होता है। कुलपति कब आते हैं और कब चले जाते हैं, पता ही नहीं चलता। -अशोकसिंह मनोहर, महानगर मंत्री अभाविप