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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ. पंजाब सरकार द्वारा एससी व बीसी श्रेणी के लिए शुरू की गई ज्यादातर स्कीमें शगुन स्कीम की भेंट चढ़ गई हैं। सरकार शगुन स्कीम पर इतनी दयालु है कि उसका भलाई विभाग की अन्य स्कीमों की तरफ ध्यान नहीं जाता। स्थिति यह है कि वर्ष 2008-09 के दौरान विभाग की अनेक स्कीमों के लिए एक भी पैसा जारी नहीं किया गया, जिसके चलते इन स्कीमों के अस्तित्व पर ही प्रश्न चिह्न् लग गया है।
जानकारी के अनुसार सरकार ने इस वर्ष राज्य के परिवारों को शगुन स्कीम के तहत 90 करोड़ रुपए की राशि वितरित की है। अब भी विभाग को इस स्कीम के तहत बैकलॉग पूरा करने के लिए 28 करोड़ की और आवश्यकता है।
विभाग द्वारा चलाई जा रही लगभग एक दर्जन स्कीमों के लिए राज्य सरकार द्वारा राशि ही जारी नहीं की गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन स्कीमों के ज्यादातर पैसे को सरकार ने शगुन स्कीम में लगा दिया है। इन स्कीमों में एससी वर्ग के लड़के व लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने की स्कीम के तहत केंद्र सरकार द्वारा 1.13 करोड़ रुपए की राशि तो आई परंतु इसे वित्त विभाग ने आगे जारी नहीं किया।
इसी प्रकार प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के तहत केंद्र की तरफ से 76.28 लाख रुपए की राशि आई परंतु खजाना विभाग द्वारा बिल क्लीयर नहीं किए गए। एससी वर्ग के खिलाड़ियों को इनाम देने की स्कीम, राज्य शैक्षणिक भलाई स्कीम (नॉन प्लान), डी-नोटिफाइड ट्राइब्स के लिए वजीफा (नॉन प्लान) स्कीम के लिए कोई पैसा जारी नहीं हुआ।
एससी लोगों के लिए धर्मशाला या चौपाल के निर्माण के लिए, एससी, बीसी श्रेणी के सर्वपक्षीय विकास के लिए सरकारी व समाज सेवी संस्थाओं को सहायता के लिए शुरू स्कीम, एससी व अन्य वर्ग के लोगों के लिए ट्रेनिंग कम प्रोडक्शन सेंटर खोलने की स्कीम, वे-साइड कौबलरज को सहायता पहुंचाने, एससी वर्ग के बेरोजगार युवकों को ड्राइविंग की ट्रेनिंग दिलवाने की स्कीम के तहत भी कोई पैसा जारी नहीं हुआ।
क्या है शगुन स्कीम
पंजाब सरकार द्वारा इस स्कीम के तहत एससी, ईसाई बिरादरी के गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों की लड़कियों की शादी तथा इस वर्ग की विधवाओं व तलाकशुदा महिलाओं को दोबारा शादी कराने तथा किसी भी जाति के गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों की विधवाओं की लड़कियों को उनकी शादी के समय 15000 रुपए वित्तीय सहायता जाती है।
क्या कहते हैं मंत्री
ञ्चविभाग की कुछ स्कीमों के लिए पैसा सरकार की आर्थिक हालत के कारण जारी नहीं हो पाया है। जबकि अनुसूचित जाति के बच्चों को पाठच्य पुस्तकें देने, शगुन स्कीम सहित कुछ अन्य स्कीमें सफलता पूर्वक चल रही हैं। भविष्य में अन्य स्कीमों को भी ठीक ढंग से चलाया जाएगा।
- गुलजार सिंह रणीके कैबिनेट मंत्री, अनुसूचित जाति व पिछड़ी श्रेणी भलाई , विभाग पंजाब