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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
आढ़तियों के विरोध के बावजूद पंजाब सरकार किसानों को उनकी फसलों का भुगतान सीधा चेक के जरिए करेगी। सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में यह लिखित भरोसा दिया है। इसे जुलाई से लागू करने की योजना है।
पंजाब में किसानों को खुदकुशी करने से रोकने के लिए कुछ किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। कोर्ट ने इस पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अपने जवाब में सरकार ने पंजाब किसान आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए किसानों को फसलों का भुगतान चेक के जरिये करने का भरोसा कोर्ट को दिलाया है। आयोग ने कहा था कि किसानों को आढ़तियों के जरिये फसल का भुगतान करना भी उनके आत्महत्या करने के प्रमुख कारणों में से एक है। इसे तुरंत दूर किया जाना चाहिए।
पिछले साल खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने धान का बोनस किसानों को चेक के जरिये दिया था। इसके लिए बड़े स्तर पर किसानों के बैंकों में खाते खुलवाए गए थे। अब सरकार ने फसलों का भुगतान भी सीधे चेक से करने का फैसला किया है। हालांकि जुलाई में कोई फसल नहीं आनी। धान की खरीद अक्टूबर-नवंबर में होगी और सरकार के तब तक बैंक खातों संबंधी दिक्कतों को दूर कर सकती है।
क्यों जरूरी है चेक से भुगतान
फिलहाल किसानों को उनकी फसल का भुगतान आढ़तियों के जरिये किया जाता है। आढ़ती भुगतान से पहले न केवल किसानों को कर्ज के रूप में दी गई रकम काट लेते हैं बल्कि उन पर बीज, कीटनाशक दवाएं, खाद्य सामग्री और कपड़ा वगैरह उनकी अपनी दुकानों से खरीदने का दबाव बनाते हैं। ऐसे में पूरी फसल बेचने के बाद भी किसान के हाथ कुछ नहीं लगता।
इसी वजह से किसानों की आत्महत्याओं के कारणों की जांच कर रहे पंजाब किसान आयोग ने किसानों को फसलों का भुगतान सीधे करने की सिफारिश की थी। इसके लिए अमरिंदर सिंह के कार्यकाल में तत्कालीन खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई गई थी लेकिन आढ़तियों के दबाव के कारण मामला दब गया। अब मामला हाईकोर्ट में है, इसलिए कोर्ट सरकार को किसानों को चेक से सीधे भुगतान करने का निर्देश दे सकता है।
क्या करते हैं आढ़ती
मौजूदा सिस्टम में आढ़ती पूर्व में लिए गए कर्ज की रकम पहले ही काट लेता है। आढ़ती बीज, कीटनाशक और दूसरा सामान अपनी दुकान से खरीदने का दबाव बनाता है। वर्तमान व्यवस्था में फसल बेचने के बाद किसान के हाथ कुछ भी नहीं लगता।