साहब बहादुर के ‘डॉक्टरों’ की सिंगापुर सैर
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साहब बहादुर के ‘डॉक्टरों’ की सिंगापुर सैर

चंडीगढ़. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) के निदेशक व प्रिंसिपल प्रो. राज बहादुर पर अपने चहेतों को सिंगापुर में प्रशिक्षण के बहाने सैर के लिए टिकट बांटने का आरोप लगा है।

उनकी इस दरियादिली पर कॉलेज की ही एक महिला डॉक्टर ने सवाल खड़ा करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एवं नगर प्रशासक से शिकायत कर दी। उनकी शिकायत पर डॉ. राज बहादुर से जवाब भी मांग लिया गया है। सिंगापुर इंडियन ग्रुप नेटवर्किग फॉर एम्पावरमेंट ट्रेनिंग प्रोजेक्ट के तहत चंडीगढ़ से 25 डॉक्टरों के दल को 17 जून को सिंगापुर जाना है।

वहां ये डॉक्टर 20 जून तक बेहतर चिकित्सकीय व्यवस्था एवं प्रबंधन का प्रशिक्षण लेंगे। जीएमसीएच में पिछले सप्ताह सिंगापुर के डॉक्टरों का प्रशिक्षण शिविर लगाया जा चुका है। उसी समय यह योजना बनी कि पहले चरण में पीजीआई, जीएमसीएच एवं जनरल हॉस्पिटल के डॉक्टरों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर भेजा जाए। लेकिन पहले चरण में ही विवाद शुरू हो गया।

25 लोगों की सूची में जनरल हॉस्पिटल के किसी भी डॉक्टर को शामिल नहीं किया गया। इन 25 डॉक्टरों में से 18 जीएमसीएच से ही चुने गए। पीजीआई से केवल सात को ही लिया गया। जीएमसीएच से चुने गए सभी 18 डॉक्टरों को प्रो. राज बहाुदर का खास बताया जाता है।

आपत्तिजनक बात यह भी है कि इस सूची में जीएमसीएच के किसी भी विभागाध्यक्ष को शामिल नहीं किया गया। इसको लेकर कई विभागाध्यक्षों में नाराजगी भी है। विभागाध्यक्ष यह भी कह रहे हैं कि उनके विभागों के डॉक्टरों को इस टूर में शामिल करने के लिए उनसे पूछा तक नहीं गया।

इसके अलावा जो भी डॉक्टर सिंगापुर जा रहे हैं उनमें से कई तदर्थ नियुक्ति (एडहॉक) पर है, तो कई अनुबंध पर हैं। शिकायत करने वाली डॉक्टर ने स्वास्थ्य मंत्रालय एवं प्रशासक से जांच की मांग करते हुए लिखा है कि प्रशिक्षण के लिए कम से कम ऐसे चिकित्सकों को ले जाया जाए जो संस्थान की स्थायी सेवा में हों।इससे संस्थान एवं मरीजों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

मामले को तूल न दो (इस बारे में डॉ. राज बहादुर से हुई बातचीत)

* ये सिंगापुर वाला मामला क्या है?
कुछ नहीं।

* फिर शिकायत क्यों, आप पर चहेतों को सिंगापुर टूर के नाम पर रेवड़ियां बांटने का आरोप है?
(संवाददाता के कंधे पर हाथ रखते हुए) अब आप इस मामले को तूल न देना..देख भई..यह जो शिकायत है, वह किसी अज्ञात डॉक्टर के नाम से है। (हालांकि ऐसा है नहीं, भास्कर के पास महिला चिकित्सक के पत्र की फोटोस्टेट कॉपी मौजूद है।)

* आपसे जवाब तो मांगा गया है?
हां तो ठीक है..मैं लिख दूंगा कि ये एनानिमस लेटर है। ऐसा कुछ नहीं है।



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