कोटा. बारिश में पठारी क्षेत्र के तीन बड़े तालाब रेल संचालन के लिए खतरा साबित हो सकते हैं। कोटा के आसपास स्थित बरसों पुराने इन तालाबों की समय पर सार-संभाल नहीं होने से ये इतने जर्जर हो चुके हैं कि बारिश में पानी भरने पर कभी भी टूट-फूट सकते हैं।
लाड़पुरा पंचायत समिति क्षेत्र में आने वाले इन तीन तालाबों लखावा, रानपुर और बंधा धर्मपुरा का मंगलवार को अधिकारियों के दल ने जायजा लिया। दल में रेलवे व लाड़पुरा पंचायत समिति के विकास अधिकारी सिराज अहमद समेत अन्य अफसर शामिल थे। दल ने तालाबों की जर्जर स्थिति का जायजा लेने के साथ ही यह पता लगाया कि इनमें बारिश से पूर्व क्या -क्या अतिआवश्यक मरम्मत कार्य कराए जा सकते हैं।
पिछले साल भी किया था निरीक्षण
विडम्बना यह है कि जब मानसून नजदीक होता है तभी अधिकारियों को इन तालाबों की सुध आती है। पिछले साल भी इन तालाबों का इसी वक्त निरीक्षण किया गया था, लेकिन बुनियादी काम नहीं हो सके। जब भी अधिक बारिश आती है तो बंधा धर्मपुरा, लखावा और रानपुर तालाब के टूटने की आशंका हर साल रहती है। कई बार इनके टूटने की अफवाह तक उड़ जाती है।
ढकनिया स्टेशन पर भर सकता है पानी
अगर तीन तालाबों में से कोई भी क्षतिग्रस्त होता है अथवा अधिक रिसाव या ओवरफ्लो भी हो जाता है, तो इसका पानी सीधा कोटा रेलवे जंक्शन से जुड़े ढकनिया स्टेशन से टकराएगा। रेल पटरियों पर पानी भर जाएगा और रेलवे संचालन रुक जाएगा। तीनों तालाबों में एकसाथ रिसाव की स्थिति बनने से हालात और भी अधिक खराब हो सकते हैं।
कौन कराए मरम्मत
पिछले कुछ सालों से रेलवे और पंचायत समिति के अधिकारी तीनों तालाबों की जर्जर हालत का जायजा लेते आ रहे हैं, लेकिन हर बार यही सवाल सामने आता है कि इनका जीर्णोद्धार कौन कराए। ये तालाब रेलेवे की सीमा में नहीं हैं, इसलिए रेलवे महकमा अपने को जिम्मेदार नहीं मानता। जिस जगह ये तालाब हैं, वह क्षेत्र अब नगर निगम सीमा में आ चुका है।
इसलिए ग्राम पंचायत अथवा पंचायत समिति भी पैसा खर्च करने से हाथ खींच लेती है। नगर निगम ने इन तालाबों की मरम्मत के लिए कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किए हैं। दो साल पूर्व लाड़पुरा पंचायत समिति ने लखावा और रानपुर तालाब के जीर्णोद्धार के लिए 40-40 लाख रुपए के प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भिजवाए थे, लेकिन आज तक स्वीकृति नहीं आई।
रेलवे और निगम को भेजेंगे प्रस्ताव
तीनों तालाबों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर रेलवे विभाग और नगर निगम को भिजवाए जा रहे हैं। फिलहाल बारिश से पूर्व इन तालाबों की मरम्मत कराना जरूरी है। साल भर पूर्व पंचायत समिति ने छिटपुट मरम्मत कराई थी, लेकिन तालाबों की खराब हालत को देखते हुए अभी बहुत काम होना है। -सिराज अहमद, विकास अधिकारी, लाड़पुरा पंचायत समिति