कुरुक्षेत्र से अपहरण, चंडीगढ़ में लूट
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कुरुक्षेत्र से अपहरण, चंडीगढ़ में लूट

चंडीगढ़. Fear सेक्टर-33 में रहने वाले इंडस्ट्रियलिस्ट ललित बहल का लुटेरों ने मंगलवार रात नेशनल हाईवे पर कुरुक्षेत्र के पास अपहरण कर लिया। ललित दिल्ली से कार में ड्राइवर के साथ लौट रहे थे।

लुटेरों ने पिस्तौल के दम पर ललित को सेक्टर-33 स्थित घर तक जाने को मजबूर किया। घर पर लुटेरों ने सभी को बाथरूम में बंधक बनाकर लूट को अंजाम दिया। करीब एक महीना पहले पंचकूला में भाजपा इकाई के जिला प्रधान श्यामलाल सचदेवा के परिवार को भी इसी तरह लूटने की कोशिश की गई थी।

ललित की पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया में पॉल्यूशन इक्वीपमेंट फैक्ट्री है। ललित फिलिपीन्स गए हुए थे। मंगलवार रात नौ बजे ही वह दिल्ली पहुंचे थे। ड्राइवर नरिंदर वहां होंडा सिविक कार लेकर मौजूद था।

दस बजे के करीब दोनों चंडीगढ़ के लिए निकल पड़े। रात करीब डेढ़ बजे इनकी कार को एक इनोवा और ऑल्टो कार ने ओवरटेक कर रुकवा लिया। इससे पहले कि ये कुछ समझ पाते दोनों कारों से 22 से 25 आयुवर्ग के छह युवक निकले और ललित व नरिंदर पर पिस्तौलें तान दी। तीन आरोपी उनकी कार में बैठ गए। एक कार चलाने लगा। जीरकपुर बैरियर के पास कार रुकी, लेकिन पिस्तौलें तनी होने के कारण ललित या नरिंदर ने शांत रहना ही बेहतर समझा।

रात करीब पौने तीन बजे ये लोग सेक्टर-३३ की कोठी नंबर-१६३७ स्थित ललित के घर पहुंच गए। दरवाजा ललित की पत्नी रजनी ने खोला। ललित ने साथ में लुटेरे होने का इशारा किया, लेकिन रजनी समझ न पाई। अंदर घुसते ही लुटेरों ने रजनी पर पिस्तौल तान दी और कुत्ते को अंदर बंधवा दिया। इसके बाद लुटेरों ने ललित, रजनी, उनके बेटे संचित, नरिंदर और नौकरानी निशा को बाथरूम में बांध दिया।

ललित के पिता पुष्पराज को दूसरे कमरे में बंद कर दिया। घर के सारे फोन लुटेरों ने अपने कब्जे में ले लिए। रजनी से अलमारी और दराज की चाबी हासिल कर लुटेरों ने पूरा घर खंगाला। लुटेरों ने 20 लाख रुपए से ज्यादा के गहने, पांच लाख की नकदी और अन्य कीमती सामान अपने कब्जे में ले लिया। लुटेरों ने सभी घरवालों के मुंह में कपड़ा भी ठूंस दिया ताकि वे शोर न मचा सकें।

जाने से पहले छुए पैर

लूट को अंजाम देने के बाद लुटेरों ने ललित और रजनी के पैर छुए और कहा कि यह उनका पेशा है, परेशानी के लिए उन्हें भी खेद है। इसके बाद वे अपनी गाड़ी के साथ ही ललित की होंडा सिविक भी ले गए। करीब छह बजे निशा ने किसी तरह अपने हाथ खोले और फिर बाकियों को खोला। लुटेरों ने घर के सारे फोन तोड़ दिए थे। रजनी ने पड़ोस के घर से पुलिस को सूचना दी।

एसएसपी सुधांशु श्रीवास्तव समेत कई डीएसपी और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम बुलाकर जांच भी कराई गई। थाना-34 पुलिस ने लूट का केस दर्ज किया है। अभी आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा है। एसएसपी ने बताया कि यह किसी प्रोफेशनल गैंग का काम है। तीन आरोपियों की शक्ल ललित पहचानते हैं, उनका स्केच जारी किया जाएगा। हमारी टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। हरियाणा पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।

किंग से थी उम्मीद, पर..

चंडीगढ़ लौटते वक्त ललित को अपने ग्रेट डेन नस्ल के पालतू कुत्ते किंग से ही उम्मीद थी। वह सोच रहे थे कि लुटेरों को देखते ही किंग उनपर टूट पड़ेगा। किंग को देखते ही लुटेरों ने कहा कि इसे दूसरे कमरे में बांध दो। उन्होंने किंग पर पिस्तौल तानी, तो बेटा संचित रो पड़ा।

ऐसे बच सकते हैं..

एक सीक्रेट कोड रखें। घर के सभी सदस्यों को समझा दें कि इस कोड का इस्तेमाल बहुत ही मुश्किल स्थिति में करना है। घरवालों को अलग नाम से बुलाना, दो बार बेल बजाना, अलग-अलग तरीके से दरवाजा खटखटाना सीक्रेट कोड हो सकता है।

सफर में कार को सुनसान जगह पर न रोकें, रौनक वाली जगह पर ही खाना खाने के लिए रुकें। सफर के दौरान ध्यान रखें कि कहीं कोई आपका पीछा तो नहीं कर रहा। घर में लुटेरे घुसते हैं, तो घबराएं मत, ठंडे दिमाग से काम लें। मौका देखकर शोर मचाने की कोशिश करें।

घर का दरवाजा खोलने से पहले देख लें कि परिवार के सदस्य के साथ कोई अजनबी तो नहीं। ऐसा होने पर सतर्क हो जाएं। लुटेरे घरवालों को बंधक बनाने लगें, तो परिवार का कोई सदस्य तुरंत बाहर भाग निकलने की कोशिश करे।

आपको किसी ने गाड़ी में बंधक बना लिया है और ड्राइव करके किसी जगह पर जाने के लिए मजबूर कर रहा है। ऐसे में अपनी गाड़ी वहां ले जाने की कोशिश करें जहां पुलिस सुरक्षा ज्यादा होती है, या किसी पुलिस अधिकारी का घर है।

पत्नी न समझ पाई इशारा

ञ्चमैं रास्ते भर उनसे मिन्नतें करता रहा कि हमें छोड़ दो, पर वे नहीं माने। सबके हाथ में पिस्तौल थी। गाड़ी में रखा खाने का सामान भी उन्हें दे दिया पर उन पर कोई असर नहीं हुआ। मैं लुटेरों को घर नहीं लाना चाहता था, पर अपनी जान बचाने के लिए मुझे ऐसा करना पड़ा। पत्नी को भी इशारा किया, पर वह समझ नहीं पाई। कुरुक्षेत्र से चंडीगढ़ तक का सफर मैंने कैसे किया है, यह मुझे ही मालूम है। हम जैसे इंडस्ट्रियलिस्ट्स की सुरक्षा ही नहीं रह गई है।
-ललित बहल

शुक्र है हम सकुशल हैं
ञ्चमुझे लगा पति के साथ उनके दोस्त आए हैं। क्या पता था कि वे लुटेरे हैं। पति ने इशारा भी किया था कि वे रॉबर्स हैं, लेकिन मैंने समझा कि उनके दोस्त का नाम रॉबर्स है। खैर, शुक्र है भगवान का कि हम सकुशल हैं। मुझे तो लग रहा था कि लूटपाट करने के बाद वे हमें गोली मार देंगे।
-रजनी

2009 में शहर में लूट

15 जनवरी: सेक्टर-9 में प्राइवेट कंपनी के अनमोल कोहली से बंदूक के बल पर ढाई लाख के रीचार्ज कूपन और नगदी लूटी।
18 जनवरी: सेक्टर-43-44 की डिवाइडिंग रोड पर कार सवार चार युवकों ने चाकू के दम पर तीन हजार रुपए लूटे।
28 जनवरी: सेक्टर-23 बाल भवन में बंदूक के बल पर कंप्यूटर और नगदी की लूट।
15 अप्रैल: सेक्टर-34 में आंखों में मिर्च डालकर दो लाख की रकम लूटी।

च्च् कल ही मेरा दसवीं का रिजल्ट आया था। अच्छे नंबर से पास हुआ था और पापा का इंतजार कर रहा था। लुटेरे मेरे किंग (कुत्ते) को गोली भी मारने लगे थे।
-संचित

च्च् इनोवा गाड़ी वाले मुझे पहले हाथ दे रहे थे, लेकिन मैंने गाड़ी नहीं रोकी। जब आगे ट्रक आ गया, तो मुझे गाड़ी रोकनी पड़ी। फिर आरोपियों ने मुझ पर पिस्तौल तान दी।
-नरिंदर सिंह



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