आ गई नतीजे की घड़ी, टेस्ट जारी रहेंगे
Elections 2009 Divya Bhaskar Business Bhaskar Indiainfo DNA 3Dsyndication MyFM Mera Mobi


आ गई नतीजे की घड़ी, टेस्ट जारी रहेंगे

कोटा. लगभग तीन वर्ष तक दिन-रात चले कार्य के नतीजे की घड़ी आ ही गई। 880 करोड़ की लागत से तैयार कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन की सातवीं इकाई गुरुवार को सिंक्रोनाइज कर दी जाएगी। इसके बाद लगातार टेस्ट जारी रहेंगे और आगामी दो-तीन महीने में इससे बिजली नियमित उत्पादन होने लगेगा। आधुनिक तकनीक से लैस कम्प्यूटर के माध्यम से इकाई का संचालन हो सकेगा।

कंट्रोल रूम में बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। सबसे खास बात यह है कि इस इकाई को पर्यावरण की दृष्टि से काफी हद तक सुरक्षित बनाने का प्रयास किया गया है। इस इकाई से निकलने वाली राख न तो बाहर नजर आएगी न ही गर्म पानी नदी में छोड़ा जाएगा। राख व धुंए की मात्रा को कम करने के लिए चिमनी में लगाए गए ईएसपी संयंत्र में एक फील्ड अतिरिक्त लगाया गया है।

इकाई का कार्य देख रहे मुख्य अभियंता टीके बरडिया ने बताया कि मंगलवार को बायलर लाइटअप कर लिया गया था। इसके बाद स्टीम पाइपलाइनों की सफाई की जा रही है। लाइनों के साफ होते ही स्टीम का टरबाइन में प्रवेश होगा। इसके साथ ही टरबाइन से जुड़ा जनरेटर भी सिंक्रोनाइज हो जाएगा फिलहाल टरबाइन के टेस्ट जारी हैं।

कहीं कोई गलती न रह जाए

छठी यूनिट के चालू होते ही कोल बंकर गिर गए थे और थर्मल के इतिहास में यह बड़ा हादसा दर्ज है। इसकी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सातवीं इकाई के निर्माण में कुछ खास बातों को ध्यान रखा गया। प्रत्येक कार्य की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए थर्मल प्रशासन ने थर्ड पार्टी को निरीक्षण के लिए तैनात रखा।

छोटी-छोटी वैल्डिंग से लेकर वजनी मशीनों की स्थापना का कार्य रेल इंडिया टेक्निकल सर्विस (आरआईटीएस) की निगरानी में हुआ। इसके अलावा कोटा थर्मल तथा संबंधित ठेका कंपनी की तरफ से निरीक्षण जारी रहे। इसके अलावा थर्मल प्रशासन ने टरबाइन, चिमनी, मुख्य पावर हाउस व बंकर का डिजाइन सेंट्रल स्ट्रक्चल रिसर्च इंस्टीट्यूट से एप्रूव कराया।

85 फीसदी कार्य पूरा

सातवीं इकाई का 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल बायलर को ऑयल से चलाया जाएगा। जुलाई में इसमें कोल फायरिंग की जाएगी। कोल बंकर का कार्य चल रहा है। फरनेस ऑयल से चलते समय इस यूनिट से करीब 20 प्रतिशत बिजली मिल सकती है लेकिन ऑयल से उत्पादित बिजली काफी महंगी पड़ती है।

निगम अध्यक्ष आएंगे

कोटा सुपर पावर थर्मल स्टेशन की सातवीं इकाई के सिंक्रोनाइजेशन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो सिंक्रोनाइजेशन गुरुवार को कर दिया जाएगा। कोटा थर्मल के मुख्य अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि गुरुवार को विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष डॉ. एसके कल्ला पहुंच रहे हैं। इस यूनिट का सिंक्रोनाइजेशन का वक्त गुरुवार को दिन में रखा गया है।

प्रति मेगावाट चार करोड़ की लागत

सातवीं इकाई के निर्माण पर 880 करोड़ की लागत आई है। इसके अनुसार प्रति मेगावाट 4.2 करोड़ की लागत आई है।



   Bookmark and Share




अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: