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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur रायगढ़. सच्चा प्रयास कभी निष्फल नहीं होता है इस बात को सार्थक कर दिखाया है, पीएमटी की परीक्षा में प्रदेश में छठवां स्थान पर कब्जा करने वाले छात्र प्रमोद सिदार ने। उन्होंने प्रथम वर्ष की असफलता के बाद दूसरे साल पीएमटी परीक्षा में सफलता के झंडे गाड़े हैं।
इसके चलते उनके घर-परिवार व मोहल्ले में खुशियों का माहौल छाया है। शहर से लगे विनोबानगर-मालीडीपा मोहल्ले में रहने वाला प्रमोद सिदार अपने इस सफलता से खुश ही नहीं बल्कि आश्चर्यचकित है। पिछले वर्ष पीएमटी के परीक्षा में कम अंक हासिल होने से उसने हार नहीं मानी और इस वर्ष फिर से 12वीं की बोर्ड परीक्षा में श्रेणी सुधार करने की मंशा और डाक्टर बनने की उम्मीद लिए पीएमटी के परीक्षा में शामिल हुआ था।
12वीं के रिजल्ट में जहां उसने शानदार सफलता हासिल की। वहीं, मेडिकल के प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में प्रदेश में छठवां स्थान हासिल कर अपना ही नहीं बल्कि रायगढ़ का नाम रोशन किया है। मूलत: डभरा थाना क्षेत्र ग्राम भोजपुर निवासी प्रमोद सिदार पिछले चार वर्षो से अपने परिजनों के साथ बिनोवानगर में किराए का मकान लेकर रहता है। उसके पिता गुजरात में रेडियोलाजिस्ट के पद पर कार्यरत हैं और उसकी मां सेत कुंवर गृहिणी है।
तीन भाई-बहनों में बीच का प्रमोद पढ़ाई में अपनी बड़ी बहन का सहयोग लेता था जो इन दिनों शिक्षकर्मी के पद पर कार्यरत है।पीएमटी के परीक्षा में बेहतरीन परिणाम लाकर अपने डाक्टर बनने का सपना पूरा करने वाले प्रमोद सिदार ने भास्कर को चर्चा के दौरान बताया कि वह शुरु से ही मेडिकल लाइन जाने के लिए उत्सुक था। उसके पिता भी पढ़ाई में मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित करते थे। पिछले साल बोर्ड परीक्षा के समय स्वास्थ्य खराब होने के कारण 12 वीं बोर्ड में तो कम अंक आए ही साथ ही पीएमटी के परीक्षा में भी कामयाबी नहीं मिल सकी।
लेकिन असफलता से बिना घबराए प्रमोद ने दूसरे साल श्रेणी सुधार करने की मंशा से 12वीं की परीक्षा शामिल हुआ और 62 प्रतिशत अंक बटोरे। पीएमटी के परीक्षा में अच्छी सफलता पाने की उम्मीद उसे अत्यधिक परिश्रम करने के लिए प्रेरित करती थी और यह उसी परिश्रम का फल है कि वह प्रदेश के टाप-टेन में शामिल हुआ।
भविष्य में डाक्क्टर बनकर समाज के गरीब तबके के लोगों का निस्वार्थ सेवा करने एवं अपने माता-पिता के सपनों को साकार करने के इस सुनहरा मौके को जिंदगी का सबसे खुशनुमा पल बताते हुए प्रमोद ने कहा कि जिंदगी में पहली में इंसान को कभी हार नहीं माननी चाहिए। मेहनत करने वाले की जीत निश्चित होती है। जबसे पीएमटी के रिजल्ट आए हैं। पूरे परिवार में खुशियों का माहौल है और दोस्तों की बधाई सुनकर प्रमोद का चेहरा भी खुशी से खिल उठा है।
मेरी चाह गरीबों की सेवा : प्रमोद
जो लोग समाज से पिछड़े हुए हैं उन्हें हर सहुलियत देकर उनका उपचार करना और उनके दुख-दर्द में हमेशा साथ देना यही एक सच्चे डाक्टर की पहचान है। गांवों में चिकित्सा सेवा का जो हाल है उसे दूर करते हुए सारी उम्र निस्वार्थ सेवा करने का मन बना लिया है।