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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur जगदलपुर. दो दिनों के दंडकारण्य बंद के नक्सली आह्वान को ध्यान में रखते हुए 19 मई से थमे ट्रेन के पहिए 9 दिन बाद पूरी तरह से सामान्य होंगे। आठ दिनों बाद किरंदुल-कोत्तवलसा रेलमार्ग पर चलने वाली इकलौती पैसेंजर को किरंदुल की ओर गुरुवार की शाम निर्धारित समय पर रवाना किया गया।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक इस आशय का आदेश सुबह 11 बजे के करीब विशाखापट्टनम स्थित कंट्रोल रूम से भेजा गया है। 20-21 मई को माओवादियों के दंडकारण्य बंद के बाद पांच राज्यों में बंद की अवधि दो दिन और बढ़ाए जाने के बाद आर्थिक नाकेबंदी की खबरों के बीच ईस्ट कोस्ट रेलवे प्रबंधन ने केके लाइन पर रात 8 से सुबह 6 बजे के बीच मालगाड़ियों का परिचालन नहीं करने का आदेश जारी किया था।
इसके अलावा पैसेंजर का संचालन भी विशाखापट्टनम से जगदलपुर के बीच ही किया जा रहा था। बहरहाल आवागमन पूरी तरह से बहाल हो जाने के बाद दक्षिण बस्तर के रेल यात्रियों ने राहत की सांस ली है। इधर दंतेवाड़ा से किरंदुल के बीच हर सुबह मोटर ट्राली से ट्रैक की लगातार सर्चिग आरपीएफ और पीडब्ल्युआई स्टॉफ द्वारा की जा रही है।
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 2 जून से नक्सली जनपितुरी सप्ताह मनाने की तैयारियां कर रहे हैं। बीते सालों में इस दौरान केके लाइन पर आवागमन प्रभावित रहा।
इस बात को ध्यान में रखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि पहली जून से फिर केके लाइन के जगदलपुर और किरंदुल रेल सेक्शन के अंतर्गत आवागमन प्रभावित रह सकता है। यही स्थिति 24-25 जून को भी रह सकती है। इस समय नक्सली आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा करते हैं।