पानीपत.
आस्ट्रिया की राजधानी विएना में डेरा सचखंड बल्लां के संत निरंजन दास व संत रामानंद पर हमले के बाद हरियाणा और पंजाब में भड़की हिंसा थम गई है लेकिन जिंदगी अभी पटरी पर नहीं लौटी है।
प्रदेश में रेलसेवा शुरू हो गई है मगर पंजाब जाने वाली बसें बुधवार को तीसरे दिन भी सड़कों से गायब रहीं। कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल और अंबाला में आईटीबीपी के जवानों ने फ्लैग मार्च किया।
यमुनानगर से जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मलेरकोटला व कटरा जाने वाली बसें रद्द कर दी गई हैं और इससे डिपों को एक लाख रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। यही स्थिति अम्बाला की भी रही। यहां से भी कोई बसें पंजाब नहीं गई। दिल्ली से आने वाली बसें भी अम्बाला से ही लौट गई।
पंजाब के शहरों में तनाव की स्थिति को देखते हुए कैथल से भी कोई बस पंजाब नहीं भेजी गई। उधर, हरियाणा रोडवेज की जींद डिपो की पंजाब जाने वाली 16 बसें भी पिछले तीन दिनों से दूसरे रूट पर चल रही है। करनाल डिपो की पांच बसें पंजाब में फंसी है और यहां से लुधियाना, पटियाला, पठानकोट, जालंधर, अमृतसर, होशियारपुर, बैदनाथ, जम्मू व कटरा जाने वाली बस सेवा शुरू नहीं हो पाई।
पिपली बस स्टैंड से भी लुधियाना, जालंधर व कटरा के लिए बस नहीं चली। चंडीगढ़ बस सेवा सुचारू रूप से चल रही है। यही स्थिति पानीपत की रही। रोडवेज महाप्रबंधक लाजपत राय के मुताबिक डिपो की एक बस को आग लगाने और दूसरे में तोड़फोड़ करने से 20 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। उच्चधिकारियों की सलाह पर ही पंजाब में बस सेवा शुरू की जाएगी। उधर, पंजाब में बुधवार को कोई हिंसात्मक गतिविधियां नहीं हुई।
हालांकि चौथे दिन भी कफ्यरू जारी रहा मगर इसमें छह घंटे की ढील दी गई। कुछ जगहों पर दंगे भड़कने की अफवाहें जरूर उड़ी लेकिन डेरा बल्लां के सेवादारों ने उन्हें शांत करा दिया।