रोहतक. महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में शोध कार्र्यो को बढ़ावा देने के लिए पिछले दस सालों में सात चेयर स्थापित की गई, मगर अब तक किसी में शोध शुरू नहीं हो सका। विश्वविद्यालय प्रशासन ने धनाभाव की बात कहते हुए इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया है।
हालांकि नवस्थापित चौधरी रणबीर सिंह चेयर के लिए 15 लाख की ग्रांट जारी हो गई है लेकिन यहां प्रभारी ने अब तक कार्यभार नहीं संभाला है जिसके कारण कामकाज ठप है। विश्वविद्यालय में महर्षि दयानंद चेयर, सर छोटूराम चेयर, बीआर अंबेडकर चेयर, महषर्ि वाल्मीकि चेयर, जवाहर लाल नेहरू, भीमराव अंबेडकर चेयर और चौधरी रणबीर सिंह चेयर स्थापित की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि जब-जब चेयर की स्थापना हुई, विश्वविद्यालय की ओर से सरकार को ग्रांट के लिए लिखा गया मगर कभी भी कोई सुनवाई नहीं हुई। बजट न होने के कारण इनमें शोधकार्य शुरू नहीं हो पाया। इस वर्ष फरवरी में चौधरी रणबीर सिंह चेयर स्थापित की गई। जब इसके लिए अनुदान मांगा गया तो राज्य सरकार ने तुरंत 15 लाख रुपए का अनुदान जारी कर दिया।
यह विश्वविद्यालय के पास पहुंच चुका है। इस चेयर के प्रभारी के रूप में ज्ञान सिंह की नियुक्ति हुई लेकिन उन्होंने अभी तक पदभार नहीं संभाला है। इस कारण यहां भी शोधकार्य शुरू नहीं हो पाया है।
एमडीयू में चेयर्स के अंतर्गत किए जाने वाले शोधकार्र्यो के लिए आवश्यक धन विश्वविद्यालय के पास नहीं है, इसीलिए शोध कार्य नहीं हो रहा है। सरकार से भी कोई अनुदान नहीं मिला। अनुदान मिलने पर कार्य शुरू हो जाएंगे। - प्रो. आरपी हुड्डा, वाइस चांसलर, एमडीयू, रोहतक