हिसार. डेरा सच्च सौदा के प्रबंधक रहे फकीर चंद की हत्या की जांच पर सीबीआई ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सवाल उठाया है कि मामले की जांच हरियाणा पुलिस करे या फिर सीबीआई। दोनों जांच एजेंसी एक ही मामले पर जांच क्यों करे।
याचिका पर जस्टिस एमएमएस बेदी ने हरियाणा सरकार को 9 जुलाई के लिए नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल के फैसले में हरियाणा पुलिस के साथ सीबीआई को भी मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
क्या था मामला
जिला सिरसा निवासी रामकुमार की तरफ से याचिका दायर कर कहा गया कि डेरा सच्च सौदा के मौजूदा मुखी गुरमीत राम रहीम सिंह से पहले शाह सतनाम सिंह डेरा प्रमुख थे। 13 दिसंबर 1991 को शाह सतनाम सिंह की मौत हो गई। उसी दिन उनके रसोइए लछमण सिंह का शव भी संदिग्ध परिस्थितियों में डेरे की गुफा में मिला।
उसी दिन से डेरा प्रबंधक फकीरचंद भी लापता हैं। याची ने कहा कि इस संबंध में उसने वर्ष 1992 में एसपी सिरसा को शिकायत भी दी थी। इसके बाद समय समय पर हरियाणा पुलिस को शिकायतें दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिका में कहा गया कि वर्ष 2002 में हाईकोर्ट को दी गई अज्ञात शिकायत में भी डेरे की साध्वियों के यौन शोषण के आरोप के अलावा फकीरचंद की हत्या का भी जिक्र किया गया था।
हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को दे दी थी। यौन शोषण के मामले पर तो सीबीआई ने जांच की लेकिन फकीरचंद की हत्या के पहलू पर जांच नहीं की गई। याचिका में कहा गया कि उनके पास वह सीडी है जिसमें डेरा प्रमुख के ड्राइवर ने एक निजी टीवी चैनल पर स्वीकार किया है कि डेरामुखी के कहने पर फकीरचंद की हत्या करने वालों में वह भी शामिल था। इसके बाद सीबीआई को भी इस मामले जांच का जिम्मा सौंपा गया।