शिमला। मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने कहा है कि राज्य में स्वास्थ्य पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। स्वास्थ्य रिजॉर्ट खोले जाएंगे। आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्रों में पंचकर्म की सुविधा होगी। शीघ्र ही नौ और केंद्र खुलेंगे।
पंचकर्म सीखने के लिए 28 डॉक्टर केरल जाएंगे। 40 आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों को पंचकर्म का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वह बुधवार को आयुर्वेद विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, कांगड़ा और हमीरपुर जिला में अनीमिया मुक्त कार्यक्रम शुरू किया गया है। अब तक 6.75 लाख लोगों की जांच की गई है।56 फीसदी लोग अनीमिया से ग्रस्त हैं। राष्ट्रीय औषधीय पौध बोर्ड को वित्त पोषण के लिए 42 करोड़ रुपए की औषधीय पौध परियोजनाएं भेजी गई हैं। धूमल ने कहा, नीम-हकीम और गैर पंजीकृत चिकित्सकों पर अंकुश लगाया जाए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव बिंदल ने कहा, सार्वजनिक-निजी भागीदारी में बी फार्मेसी और र्न्िसग कॉलेज खोलने की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है।
इस मौके पर मुख्य सचिव आशा स्वरूप, आयुर्वेद विभाग के निदेशक आरएस गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भीम सेन सहित कई अफसर मौजूद थे।