72 घंटे: तनाव में जिंदगी
Elections 2009 Divya Bhaskar Business Bhaskar Indiainfo DNA 3Dsyndication MyFM Mera Mobi


HomeHisar Hisar

72 घंटे: तनाव में जिंदगी

होशियारपुर.police होशियारपुर में कफ्र्यू लगे 72 घंटे हो चुके हैं। इस दरमियान डर और दहशत के साए में फंसी जिंदगी की रेल को पटरी पर आने में अभी न जाने कितना समय लगे लेकिन 72 घंटे की इस थमी जिंदगी ने शहर को बेहाल कर दिया है।

दुकानों के साथ-साथ तमाम सरकारी-अर्ध सरकारी दफ्तरों में आज भी कामकाज ठप्प रहा। सुबह साढ़े तीन घंटे और फिर बाद दोपहर दो घंटे की मिली ढील के चलते लोगों ने रोजमर्रा में काम आने वाली जरूरी वस्तुओं की तो खरीददारी कर ली, लेकिन बैंक-डाकखाने जैसे संस्थानों पर आज भी ताले लटके रहे।

करोड़ों तक पहुंचा नुक्सान

थमी-थमी इस जिंदगी से जहां व्यापारियों को रोजाना लाखों रुपए का घाटा हो रहा है वहीं बैंकों व डाकखानों के कारोबार को भी करोड़ों का चूना लगा है। जिले के बैंकों व डाकखानों में रोजाना कम से कम पांच करोड़ रुपए का कारोबार होता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 72 घंटे से बंद पड़े इन वित्तीय संस्थानों को 15 से 20 करोड़ रुपए का घाटा उठाना पड़ा है। रोडवेज व रेलवे को भी करीब दस लाख का घाटा लगा है।

72 घंटे बाद दौड़ी रेल, बसें अभी भी फेल

आखिरकार 72 घंटे तक थमे रेल के पहिए ने बुधवार सुबह छह बजे जांलधर के लिए रफ्तार पकडी।़ तीन दिन बाद लोगों ने जब इंजन की सीटी की आवाजें सुनी तो यहां फंसे यात्री व अन्य शहर के मुसाफिर रेलवे स्टेशन की तरफ दौड़ पड़े।

हालांकि बसों की आवाजाही आज भी बंद रही लेकिन रेल की आवाजाही शुरू होने से लोगों ने कुछ राहत महसूस की। उधर डीसी एनके वधावन ने ट्रेन बहाल होने पर रेलवे स्टेशन का विशेष दौरा किया। उन्होंने कहा कि हालात को काबू में कर लिया गया है। उन्होंने अमन शांति कायम रखने में सहयोग देने के लिए कहा।



   Bookmark and Share




अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: